शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सीएम योगी पर बड़ा हमला, कहा- रिश्तेदारी से मिली महंत और मुख्यमंत्री की गद्दी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'कानून से ऊपर कोई नहीं' वाले बयान पर ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम योगी को महंत और मुख्यमंत्री का पद रिश्तेदारी की वजह से मिला और उन्हें यह भी नहीं पता कि 2015 में वह शंकराचार्य नहीं थे।
Avimukteshwarananda Yogi Adityanath

लखनऊ: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सीएम योगी के विधानसभा में दिए गए बयान पर शंकराचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर व्यक्तिगत हमले किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ को गोरक्ष पीठाधीश्वर की गद्दी और मुख्यमंत्री का पद, दोनों ही ‘रिश्तेदारी’ की वजह से मिले हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें यह साधारण सा तथ्य भी नहीं मालूम कि साल 2015 में वह (अविमुक्तेश्वरानंद) शंकराचार्य नहीं थे। सीएम योगी ने अपने बयान में 2015 में समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुए लाठीचार्ज का जिक्र किया था, जिस पर शंकराचार्य ने यह स्पष्टीकरण दिया।

सीएम योगी ने क्या कहा था?

दरअसल, यह पूरा विवाद पिछले महीने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शुरू हुआ था, जब पुलिस ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान के लिए जाते समय रोक दिया था। इस घटना पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा था कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।

उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि इस घटना ने 2015 में सपा सरकार के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर वाराणसी में हुए लाठीचार्ज की याद दिला दी।

“क्या हर व्यक्ति मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश में घूम सकता है, मंत्री बनकर घूम सकता है? इसके लिये एक व्यवस्था है। भारत के सनातन धर्म की भी यही व्यवस्थाएं हैं।”- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया था कि वह कानून का पालन करना और करवाना, दोनों जानते हैं। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं।

‘यूपी में ब्राह्मण टारगेट पर’

सीएम योगी के इन्हीं बयानों पर पलटवार करते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “जिस व्यक्ति को शंकराचार्य कहने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी हो, उसको सीएम योगी बार-बार शंकराचार्य कहते हैं। बीजेपी के लोग जी-हुजूरी करने वाले को शंकराचार्य के रूप में देखना चाहते हैं।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस सरकार में उत्तर प्रदेश का ब्राह्मण समुदाय निशाने पर है। अपनी वैधता पर उन्होंने कहा कि बाकी तीनों पीठों के शंकराचार्यों ने उन्हें ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य के रूप में मान्यता दी है और उनका पट्टाभिषेक भी करवाया है, इसलिए अब किसी और की मान्यता का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।

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