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स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान, कांवड़ियों को बताया ‘सत्ता संरक्षित गुंडा-माफिया’, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Written by:Saurabh Singh
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बैठक में सरकारी स्कूलों के विलय (मर्ज) का मुद्दा भी उठा। स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसे संविधान के साथ छेड़छाड़ करार दिया और ऐलान किया कि उनकी पार्टी इसका विरोध बाइक रैली निकालकर करेगी।
स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान, कांवड़ियों को बताया ‘सत्ता संरक्षित गुंडा-माफिया’, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन्होंने कांवड़ यात्रा को निशाना बनाते हुए कांवड़ियों की तुलना गुंडा-माफिया से कर दी। उन्होंने कहा कि ये कांवड़िए नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में पलने वाले अराजक तत्व हैं, जो प्रदेश में कानून व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बयान प्रदेश स्तरीय बैठक के दौरान आया, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या बोले स्वामी प्रसाद मौर्य?

बैठक के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य बोले,

“ये कांवड़िए नहीं हैं। इनका अराध्य इतना भोला है कि लोग उसे भोले बाबा कहते हैं। फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि भोले बाबा का भक्त हिंसक, अपराधी और अराजक हो? ये लोग सत्ता संरक्षण में पलने वाले गुंडा-माफिया हैं, जो कांवड़ियों के भेष में पूरे प्रदेश में अराजकता फैला रहे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा की आड़ में कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और प्रदेश सरकार इसे रोकने के बजाय मौन साधे हुए है।

स्कूलों के मर्ज के खिलाफ बाइक यात्रा

बैठक में सरकारी स्कूलों के विलय (मर्ज) का मुद्दा भी उठा। स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसे संविधान के साथ छेड़छाड़ करार दिया और ऐलान किया कि उनकी पार्टी इसका विरोध बाइक रैली निकालकर करेगी। उन्होंने कहा,

“प्रदेश में भाजपा संरक्षित गुंडे और माफिया कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। वहीं अगर कोई एससी, एसटी या अल्पसंख्यक नागरिक थोड़ी सी भी गलती करता है, तो उस पर दर्जनों मुकदमे ठोक दिए जाते हैं और घर तक बुलडोजर से गिरा दिए जाते हैं।”

बयान पर बढ़ सकती है राजनीतिक गर्मी

कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन पर दिए गए इस बयान से स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर सियासी निशाने पर आ सकते हैं। भाजपा और संत समाज की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। इससे पहले भी स्वामी प्रसाद मौर्य रामचरितमानस, मनुस्मृति और सनातन धर्म को लेकर कई विवादित बयान दे चुके हैं।