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बिजली कटौती पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कसा तंज, कहा – ‘ये दिल्ली वालों के भेजे हुए दूत की साजिश’

Written by:Ankita Chourdia
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उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच गहराते बिजली संकट ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। दरअसल अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, तो वहीं भाजपा ने सपा के कार्यकाल का कच्चा चिट्ठा खोलकर पलटवार किया है।
बिजली कटौती पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कसा तंज, कहा – ‘ये दिल्ली वालों के भेजे हुए दूत की साजिश’

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में गहराते बिजली संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल उन्होंने कहा कि दस साल में भाजपा ने प्रदेश के बिजली विभाग को बर्बाद कर दिया है, जिसके चलते भीषण गर्मी में जनता त्राहिमाम कर रही है। अखिलेश यादव ने तो यहां तक कह दिया कि आगामी चुनाव में जनता भाजपा को “अच्छे से धो-पटककर हमेशा के लिए सुखा देगी”।

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

दरअसल अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि शुक्र है उन्होंने इस “महा विद्युत आपदा” के पीछे “दिल्ली वालों के भेजे हुए दूत की साजिश” नहीं बताई। सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के रिश्तों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बिजली मंत्री आते नहीं हैं या उन्हें बुलाया नहीं जाता। अगर वे आते हैं तो अखिलेश यादव ने माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि उनके कंधे पर हाथ रखकर एक तस्वीर पोस्ट कर दें, ताकि जनता को उनकी “आपसी गर्मी” से ही राहत मिल जाए, क्योंकि जनता ने इन दोनों को कभी “एकांत में साथ देखा नहीं”। सपा मुखिया ने भाजपा सरकार पर यूपी की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद करने का भी आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार किया

अखिलेश यादव के इन तीखे हमलों पर भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भाजपा खेमे से भी सपा मुखिया पर जमकर निशाना साधा गया। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा सरकार के कार्यकाल की तुलना मौजूदा भाजपा सरकार से करते हुए आंकड़े पेश किए।

वहीं राकेश त्रिपाठी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में बिजली की सप्लाई केवल 13 हजार मेगावाट थी, जबकि आज पीक टाइम में यह 31 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है। उन्होंने उपभोक्ताओं की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी का जिक्र किया। त्रिपाठी के मुताबिक, सपा शासन में 1 करोड़ 81 लाख उपभोक्ता थे, जो अब 3 करोड़ 70 लाख से भी ज्यादा हो गए हैं। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जहां सपा के समय केवल पांच वीआईपी जिलों में ही बिजली मिलती थी, वहीं अब हर गांव में 18 से 20 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

बिजली कटौती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समाजवादी पार्टी पर पहले भी हमलावर रहे हैं। उन्होंने सपा सरकार के दौरान बिजली की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा था कि उनके शासनकाल में तो बिजली के तारों पर कपड़े सुखाए जाते थे, क्योंकि उनमें करंट आता ही नहीं था। मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि वे स्वयं पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच गहराया यह बिजली संकट अब पूरी तरह से सियासी मुद्दा बन चुका है। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर हमलावर दिख रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद समीक्षा बैठकें कर इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, लेकिन सच्चाई यह भी है कि प्रदेश में बिजली कटौती हो रही है और जनता परेशान है।

Ankita Chourdia
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