उत्तर प्रदेश में आज 18 फरवरी से शुरू होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। परीक्षा शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले सोशल मीडिया पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के फर्जी प्रश्न पत्र वायरल हो रहे हैं, जिससे 52 लाख से अधिक परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। यूपी बोर्ड ने इसका तत्काल संज्ञान लेते हुए इसे पूरी तरह से निराधार और शरारतपूर्ण बताया है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह केवल परीक्षार्थियों को गुमराह करने और परीक्षा की शुचिता को भंग करने का एक प्रयास है। बोर्ड की मीडिया सेल ने इन वायरल हो रहे प्रश्न पत्रों की निगरानी शुरू कर दी है और इसे फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है।
अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ होगी FIR
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा यह अफवाह फैलाई जा रही है। बोर्ड ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। नोटिस के मुताबिक, अफवाह फैलाने और परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने ऐसे लोगों के विरुद्ध साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
छात्र और अभिभावक रहें सतर्क — बोर्ड की अपील
बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दें। बोर्ड ने कहा, “यह स्थिति नितांत असत्य, निराधार और शरारतपूर्ण है।”
अधिकारियों ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी जानकारी के लिए केवल यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे किसी भी दावे या प्रश्न पत्र को सच न मानें। आपको बता दें कि इस साल यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेंगी, जिसमें 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं।





