लखनऊ: अंसारी परिवार के भीतर सब कुछ शांत नहीं है। मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद से ही परिवार में उभरे आंतरिक विवाद अब सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गए हैं। सलमान अंसारी ने अपने भाई यानी मौजूदा विधायक मन्नू अंसारी के खिलाफ फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं।
सलमान ने विधायक मन्नू अंसारी पर विकास योजनाओं के नाम पर लूट और कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष के नाम पर धमकी दी जाती है कि अगर कुछ बोला तो पार्टी से निकाल दिया जाएगा।
फेसबुक पोस्ट में लिखी अपनी पीड़ा
सलमान अंसारी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में 378 मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए लिखा, “आप लोग मुझे इतना फोन करते हैं और मैसेज करते हैं और हमेशा पूछते हैं कि मैं पिछले 4 साल से अपनी 378 विधानसभा क्यों नहीं जाता। इसका कारण यह है कि मैं वहां विकास के नाम पर चल रही लूट में बिल्कुल भी शामिल नहीं होना चाहता।”
उन्होंने आगे लिखा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों से अपनी आंखों के सामने बदतमीजी से बात होते देखना बर्दाश्त नहीं कर सकते। सलमान का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं को बेइज्जत किया जाता है और उन्हें कोई मदद नहीं दी जाती।
पिता और चाचा का जिक्र
सलमान अंसारी ने अपनी पोस्ट में कहा, “अगर मेरे पिता जी या चाचा जी नहीं होते, तो मेरा यहां क्षेत्र कोई अपना काम नहीं लाता। हालात इतने खराब हैं कि वह नहीं आएंगे। लोगों को राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की धमकी दी जाती है कि अगर उन्होंने कुछ कहा तो मैं पार्टी से बाहर करवा दूंगा।”
उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के सम्मानित लोग और कार्यकर्ता रोज उनसे संपर्क करते हैं और रोते हुए अपना दुख बताते हैं। इसी दर्द की वजह से उनका विधानसभा में जाने का मन नहीं करता।
फंसाने की कोशिश का आरोप
सलमान ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि इस पोस्ट को देखकर कुछ लोग उन्हें फंसाने, परेशान करने और घर से निकलवाने की कोशिश करेंगे क्योंकि उनके पास बहुत सारा लूटा हुआ पैसा है। उन्होंने दावा किया, “मेरे पास इतने सबूत और रिकॉर्डिंग हैं कि कुछ लोग बहुत परेशानी में पड़ जाएंगे।”
सलमान ने कहा कि वह अपने परिवार में जो भी राजनीतिक पद पर रहे हैं या वर्तमान में हैं, उनपर उन्हें गर्व है। लेकिन जो गलत है, वह उसे बताएंगे। उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए लिखा, “हम कोई राजा नहीं हैं जो मेरी विधानसभा को अपनी प्रजा समझे। जनता कभी भी राजा का भूत उतार सकती है।”
मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद उनके परिवार में उभरा यह विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राजनीतिक हलकों में भी इस मामले पर प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है।





