उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के नाम एक पत्र जारी किया और कहा कि सशक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यह पत्र उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया।
“प्रदेश की सम्मानित बेटियों, आपको न किसी से डरने की आवश्यकता है, न छोटे सपने देखने हैं।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने लिखा कि राज्य सरकार आधी आबादी की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के प्रति दृढ़ संकल्पित है। उनके अनुसार कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े कदमों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।
2017 से पहले की स्थिति का जिक्र, मौजूदा बदलाव का दावा
पत्र में सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति याद कराई और कहा कि उस समय शाम के बाद बेटियां घर से बाहर निकलने में घबराती थीं, स्कूल-कॉलेज जाने में डर लगता था और महिलाओं के खिलाफ अपराध आम थे। उन्होंने दावा किया कि अब बेटियां रात की पाली में भी काम कर रही हैं और यह स्पष्ट नीति तथा साफ नीयत का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि मिशन शक्ति और एंटी रोमियो जैसे अभियानों ने बेटियों के विरुद्ध अपराध करने वालों में डर पैदा किया है। उनके शब्दों में, जहां बेटियां सुरक्षित और सम्मानित होती हैं, वहां समाज सतत प्रगति करता है।
योजनाएं: जन्म से शिक्षा, विवाह से पोषण तक
पत्र में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह योजना बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा तक परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए गरीब परिवारों में बेटियों का विवाह आत्मसम्मान के साथ संभव हुआ है।
उन्होंने यह भी लिखा कि पुष्टाहार योजना के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिलाओं को बेहतर पोषण देकर आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य में उत्साहवर्धक परिवर्तन सुनिश्चित किया गया है। निराश्रित महिलाओं की पेंशन राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 किए जाने का भी जिक्र पत्र में किया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकारी प्रयासों के चलते छात्राओं के ड्रॉपआउट रेट में भारी कमी आई है। साथ ही मातृ मृत्युदर और शिशु मृत्युदर में अभूतपूर्व गिरावट दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से रोजगार तक बेटियों को समान अवसर मिल रहे हैं और यूपी की नारी शक्ति स्वावलंबन का नया अध्याय लिख रही है।
पत्र में स्टार्टअप और उद्यमी क्रेडिट कार्ड जैसे अवसरों का भी उल्लेख है। सीएम योगी के अनुसार, प्रदेश के सभी विकास खंडों तक स्वयं सहायता समूहों का विस्तार हुआ है और लगभग 50 हजार बीसी सखियां आत्मविश्वास के साथ हजारों करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन कर रही हैं।
उन्होंने ‘लखपति दीदी’, ‘ड्रोन दीदी’, ‘स्वास्थ्य सखी’ और ‘सूर्य सखी’ जैसे मॉडलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये पहलें न केवल परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रही हैं।
नारी सम्मान पर अंतिम संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि नारी का सम्मान पूरे समाज के लिए सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने संस्कृत वाक्य “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” का उल्लेख करते हुए कहा कि मां और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं।
पत्र के अंत में सीएम योगी ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाएं महिलाओं के सपनों को पंख दे रही हैं और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य में महिलाओं को केवल सहभागिता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं।






