
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछड़ा वर्ग की बेटियों के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब सरकार की ओर से उनकी शादी के लिए मिलने वाली अनुदान राशि को 20 हजार से बढ़ाकर 35 हजार रुपये कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके।
राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट से पास कराएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
पहले ही बढ़ चुकी है राशि
इससे पहले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दी जाने वाली धनराशि को भी 51 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया था। योजना के तहत अब 60 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये शादी की सामग्री जैसे गद्दा, पंखा, तकिया, डबल बेड शीट आदि में दिए जाते हैं। 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। कन्या की उम्र कम से कम 18 साल और वर की उम्र 21 साल होनी चाहिए। आवेदन ऑनलाइन मोड में किया जा सकता है। आवेदन के समय ये दस्तावेज अनिवार्य हैं- वर-वधु का आधार कार्ड। आय प्रमाण पत्र। जाति प्रमाण पत्र। बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।
लाभ को जरूरतमंद तक पहुंचाना लक्ष्य
सरकार का उद्देश्य है कि इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। इसके लिए आय सीमा को भी बढ़ाया गया है, जिससे अधिक लोग पात्रता में आ सकें। योगी सरकार के इस फैसले को आगामी चुनावों से पहले पिछड़ा वर्ग को साधने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
