
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में UPITS 2025 यानि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन होने जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पांच दिनों तक चलने वाले इस शो में कृषि उत्पादों, उपकरणों, बीज, उर्वरक व कृषि रक्षा रसायन निर्माताओं को मिलेगा मंच मिलेगा और दुनिया यूपी की मिट्टी की समृद्धता और किसानों की प्रगति देखेगी।
यूपीआईटीएस 2025 में उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील किसानों व कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा। पूरे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व एक ही स्थान पर होगा। इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में कृषि विभाग को एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल आवंटित किया गया है। इसमें कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि संबंधी संस्थाएं, मंडी परिषद-कृषि विपणन निदेशालय, कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज व पौध संरक्षण रसायन निर्माता कंपनियां भी हिस्सा लेंगी। ट्रेड शो में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से लेकर बड़ी कंपनियां और प्रदेश के प्रगतिशील किसान – सब एक ही मंच पर अपने अनुभव और उपलब्धियां साझा करेंगे।
कृषि विश्वविद्यालय भी देंगे योगदान
ट्रेड शो में प्रदेश के पांच प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय भी शामिल होंगे इसमें कानपुर का चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय, अयोध्या का आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ का सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, बांदा कृषि विश्वविद्यालय और प्रयागराज का सैम हिंगिंग बॉटम कृषि एवं प्रौद्योगिकी (शियाट्स) विश्वविद्यालय । इनके साथ उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम और वाराणसी स्थित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान भी अपनी रिसर्च और उपलब्धियां पेश करेंगे।
एफपीओ और कंपनियों होंगे शामिल
आयोजन में कृषि विभाग की पहल पर 15 से ज्यादा एफपीओ यहां हिस्सा लेंगे। बुलंदशहर, प्रयागराज, झांसी, लखनऊ, सहारनपुर, बाराबंकी जैसे जिलों के किसान संगठन अपने उत्पाद और नवाचार यहां प्रदर्शित करेंगे। इसके अलावा 17 कृषि यंत्र निर्माता कंपनियां, 9 बीज कंपनियां, 8 उर्वरक और 8 कृषि रक्षा कंपनियां भी ट्रेड शो में मौजूद रहेंगी। इससे किसानों को नए बाजार मिलेंगे और कंपनियों को सीधा जुड़ाव।
नोडल अधिकारियों को अलग अलग जिम्मेदारी
शो को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग ने हर जिम्मेदारी के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। बीज, उर्वरक, कृषि उपकरण, कीटनाशक, ड्रोन और स्टार्टअप्स – हर सेक्टर पर अलग अधिकारी नजर रखेंगे। यहां तक कि आईआईटी कानपुर से जुड़े कृषि स्टार्टअप्स के लिए भी समन्वयक अधिकारी तय कर दिए गए हैं।
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