उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगरी वाराणसी में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 15 और 16 फरवरी को काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में 10 लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान है। इस विशाल जनसमूह को देखते हुए वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने एक विस्तृत योजना तैयार की है।
मंदिर परिसर के आसपास वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा हो, यह सुनिश्चित करना है।
प्रमुख मार्गों पर सख्त प्रतिबंध
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी के मैदागिन से लेकर गदौलिया तक का पूरा क्षेत्र नो व्हीकल जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से 2 से 3 किलोमीटर की परिधि में बड़े वाहनों के आवागमन पर निर्धारित समय के लिए रोक लगाई जाएगी।
संपूर्णानंद संस्कृत विद्यालय के समीप चार पहिया वाहनों को रोकने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है। यह विशेष व्यवस्था 16 फरवरी तक जारी रहेगी।
शिव बारात के दौरान अतिरिक्त सतर्कता
महाशिवरात्रि की शाम को काशी के विभिन्न हिस्सों से शिव बारात निकलने की परंपरा है। सबसे प्रमुख बारात श्री महामृत्युंजय मैदागिन से शुरू होकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर द्वार तक पहुंचती है। इस दौरान हजारों भक्त इस बारात में शामिल होते हैं।
शिव बारात के समय संबंधित मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। जनपद के अलग-अलग इलाकों से निकलने वाली शिव बारातों के रूट पर भी बड़े वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी। इस समय सबसे ज्यादा भीड़ की स्थिति रहने का अनुमान है।
तीर्थयात्रियों से सहयोग की अपील
वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने श्रद्धालुओं और शहर में आने वाले लोगों से संयम एवं धैर्य बनाए रखने की अपील की है। मंदिर परिसर की ओर जाते समय यातायात नियमों का पालन करने और पुलिस कर्मियों के निर्देशों का अनुसरण करने का आग्रह किया गया है।
स्थानीय नागरिकों से भी सहयोग की विशेष अपील की गई है ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे। पुलिस प्रशासन ने कई स्थानों पर सहायता केंद्र भी स्थापित किए हैं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लोग इन केंद्रों पर संपर्क कर सकते हैं।
अधिकांश तीर्थयात्री दो पहिया और चार पहिया वाहनों से काशी के विभिन्न मार्गों से शहरी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने यह व्यापक योजना बनाई है। प्रशासन का प्रयास है कि महाशिवरात्रि जैसे महापर्व पर श्रद्धालु बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकें और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित रहे।





