योगी आदित्यनाथ का आह्वान, पर्व और त्योहार आने वाले हैं, हम स्वदेशी वस्तु ही खरीदें, स्वदेशी ही गिफ्ट करें

योगी ने कहा लोग कहते थे- क्या कश्मीर में धारा 370 हट पाएगी? हम तब भी नारा देते थे,'जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है', लोग कहते थे क्या अयोध्या में श्री राम मंदिर बन पाएगा? हम तब भी कहते थे ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’।
Yogi Adityanath Mathura

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मथुरा में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव मेला विराट युवा सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा आज हम उस महापुरुष का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने स्वतंत्र भारत को एक नई दृष्टि प्रदान की। भारत और भारतीयता के उन पहलुओं से हमें परिचित कराया, जिन पर ‘विकसित भारत’ की आधारशिला टिकी है।

योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंत्योदय का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंत्योदय के प्रणेता श्रद्धेय पंं. दीनदयाल उपाध्याय जी के मंत्र को आत्मसात करते हुए असंभव को संभव बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा आज भारत में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है उसके पीछे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जीवन दृष्टि है उनका कहना था हर हाथ को काम , हर खेत को पानी अर्थनीति का आधार स्वदेशी होना चाहिए।

योगी ने कहा जो लोग खुद को सेक्युलर कहते थे उनकी सरकारों में भारत को दुनिया की ताकत बनाने का असंभव बनाने का जो शब्द जुड़ा हुआ था उस असंभव को संभव बनाने का काम पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के मंत्र को आत्मसात कर प्रभावी ढंग से किया है।

योगी ने की मोदी सरकार की योजनाओं की तारीफ 

योगी ने कहा मोदी की सरकार हर गरीब के घर राशन उपलब्ध करा रही है किसानों के लिए बनाई गई योजनायें उन्हें लाभ पहुंचा रही हैं, आज किसानको उसकी उपज का दाम मिल रहा है लागत का डेढ़ गुना दाम मिल रहा है श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा की बीमा स्कीम का लाभ ममिल रहा है युवा स्टार्टअप लगा रहे है उनके जीवन में अपरिवर्तन हो रहा है, आज भारत का युवा जॉब सीकर नहीं जॉब क्रिएटर बन रहा है।

हमारा पैसा हस्तशिल्पी, कारीगरों की खुशहाली का आधार बनेगा

योगी ने स्वदेशी की बात करते हुए कहा कि हमारा हस्तशिल्पी, कारीगर कुछ बनाता है और हम उसे खरीदते हैं तो हमारा पैसा हस्त शिल्पी और कारीगरों की जेब में जायेगा और वो देश के विकास में लगेगा  यदि हम विदेश वस्तुएं खरीदते हैं तो वो पैसा विदेश जायेगा और फिर वो पैसा आतंकवाद उग्रवाद के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है इसलिए  हमें स्वदेशी वस्तुओं को खरीदना चाहिए, हमारा पैसा हमारे देश के हस्तशिल्पी और कारीगरों की खुशहाली का आधार बनेगा, भारत को समृद्ध और सशक्त बनाने में योगदान देगा।

अपने प्रियजन को स्वदेशी गिफ्ट ही दें 

योगी ने कहा पर्व और त्यौहार आने वाले हैं 22 सितम्बर को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है नौ दिनों तक माँ भगवती की पूजा आराधना होगी फिर विजयादशमी होगी फिर ये क्रम चलेगा दिवाली आयेगी इस मौके पर हर भारतीय अपने प्रियजन, मेहमान के साथ जुड़ता है तो हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम जो गिफ्ट दें तो वो स्वदेशी हो।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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