उत्तर प्रदेश के मुख्य्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बेहतर कूड़ा प्रबंधन के लिए पर्यावरण अनुकूल हरित ऊर्जा से संचालित 250 इलेक्ट्रिक एवं CNG वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, उन्होंने कहा हम लखनऊ को Clean City-Green City के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जबकि 2017 के पहले ऐसी कोई सोच नहीं थी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजय के कारण आज उत्तर प्रदेश नई उड़ान भर रहा है आज लखनऊ स्वच्छता रेंकिंग में देश में टॉप 3 में शामिल हुआ है पिछली सरकार पर हमला करते हुए योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने राजनैतिक कचड़े को उठाकर फेंका और परिणाम आपके सामने हैं, उन्होंने कहा आज उत्तर प्रदेश का हर शहर साफ सुथरा दिखाई देता है जबकि पहले जगह जगह कूड़ा दिखाई देता था क्योंकि पीची सरकारों को सोच भी वैसी ही थी।

योगी ने कहा आज हम डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की बात कर रहे हैं लखनऊ को Clean City-Green City के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं क्या ये 2017 के पहले संभव था नहीं क्योंकि उनकी सोच ही वैसी नहीं थी जो लोग सत्ता में थे उनके कारनामे कूड़े से भरे हुए थे, उनकी सोच भी वैसी ही थी जिसका नतीजा ये था उत्तर प्रदेश में बीमारियों होती थी लोग संक्रमण का शिकार होते थे , उन लोगों ने य हालात कर दिए थे कि उत्तर प्रदेश को ही बीमार रही बना दिया था।

योगी आदित्यनाथ का समाजवादी पार्टी पर तंज 

समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार को घेरते हुए योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में स्ट्रीट लाईट पीली हेलोजन लाईट हुआ करती थी जो बिजली भी ज्यादा खाती थी और उनमें जब कीड़े भर जाते थे तो उनके नीचे से निकलना भी मुश्किल होता था क्योंकि उसमें से बदबू आती थी ये पिछली सरकारों के लिए तो आची थी क्योंकि उन्हें लाईट ही नहीं देनी होती थी एक बार लग गई तो कई साल तक देखना नहीं जले या ना जले।

आज उत्तर प्रदेश की सडकों पर दूधिया रौशनी है 

योगी आगे बोले जब हम आये तो हमें तय किया कि जनता को 24 घंटे बिजली देनी है, सडक पर उजाला करना है इसलिए एक जैसी लाईट होनी चाहिए इसलिए हमें एलईडी लाईट लगवा दी, योगी ने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को रात के अंधेरे में डकैती डालने की आदत थी, उनके लिए अंधेरा ठीक था, हम तो सूर्य के उपासक हैं इसलिए हमने सभी नगर निगमों में एलईडी स्ट्रीट लाईट लगाई और खास बात ये कि इसमें सरकार के एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ।