उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को औरैया की सदर तहसील के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) राकेश कुमार को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो के बाद हुई, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा उनके कार्यालय की मेज की दराज में लिफाफा रखने और एसडीएम द्वारा उसे जेब में डालने का दृश्य दिखाई देता है। जिलाधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें तहसील से हटाकर कलेक्ट्रेट में तैनात किया था और शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राकेश कुमार को निलंबित कर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया है।
मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक व्यक्ति एसडीएम राकेश कुमार के सामने बैठा दिखता है, जो बाद में उनकी मेज की दराज में एक लिफाफा रखकर हाथ जोड़कर चला जाता है। इस दौरान एसडीएम मोबाइल में व्यस्त थे। एक अन्य वीडियो में वे उस लिफाफे को दराज से निकालकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। डीएम की प्रारंभिक जांच में इसे शासन और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना गया।
ये भी पढ़ें
जांच के लिए मंडलायुक्त नियुक्त
जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने राकेश कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है, और मामले की विस्तृत जांच के लिए कानपुर के मंडलायुक्त को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निलंबन अवधि के दौरान राकेश कुमार को राजस्व परिषद मुख्यालय से संबद्ध किया गया है, जहां वे अगले आदेश तक रहेंगे।
प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल
इस वायरल वीडियो ने औरैया जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। लोग प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। जांच के परिणामों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।