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योगी सरकार की भू-माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, भोगनीपुर की 761 एकड़ भूमि ग्राम सभा को वापस की

Written by:Ankita Chourdia
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भोगनीपुर में भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है। दरअसल इस कार्रवाई के तहत 761 एकड़ भूमि का आवंटन रद्द कर ग्राम सभा को वापस किया गया है।
योगी सरकार की भू-माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, भोगनीपुर की 761 एकड़ भूमि ग्राम सभा को वापस की

भोगनीपुर में भू-माफिया के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल लगभग 761.41 एकड़ बहुमूल्य भूमि को मुक्त कराकर पुनः ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का आदेश जारी हुआ है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है।

वहीं कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर मंडलायुक्त कानपुर के. विजयेन्द्र पांडियन ने भूमि आवंटन निरस्त करने और पुनर्ग्रहीत भूमि को ग्राम सभा के नाम दर्ज करने के आदेश जारी किए। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो प्रदेश में सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

जानिए क्या है पूरा मामला?

दरअसल वर्ष 2011 में भोगनीपुर क्षेत्र में ‘हिमावत पावर लिमिटेड’ और ‘मैसर्स लैंको अनपरा पावर लिमिटेड’ नामक दो कंपनियों को थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने के लिए लगभग 761.41 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। कंपनियों ने इस आवंटन के नियमों और समझौते की शर्तों का गंभीर उल्लंघन किया। उन्होंने सरकार की अनुमति के बिना इस सरकारी भूमि को बैंकों में बंधक रख दिया। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी ओ.के. सिंह और कुछ बैंक कर्मियों की मिलीभगत से इन कंपनियों ने 400 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण प्राप्त कर लिया।

राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई

जानकारी के अनुसार कंपनियों ने न तो परियोजना को पूरा किया और न ही बैंकों का कर्ज चुकाया। इसके बाद, बैंकों ने इस कीमती सरकारी भूमि को नीलाम करने का प्रयास शुरू कर दिया था। इस स्थिति ने राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे निर्देश पर इस पूरे प्रकरण में तत्काल एक्शन लिया गया। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच कराई। जांच में स्पष्ट हुआ कि कंपनियों ने अधिकारियों के साथ मिलकर राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई है। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंकों द्वारा की जा रही नीलामी पर तत्काल रोक लगवाई। भूमि को सरकारी रिकॉर्ड में सुरक्षित किया गया ताकि किसी भी प्रकार के अवैध हस्तांतरण को रोका जा सके।

इसके उपरांत, भोगनीपुर की तहसीलदार प्रिया सिंह की तहरीर पर थाना मूसानगर में दोनों कंपनियों, संबंधित बैंकों और तत्कालीन अपर जिलाधिकारी ओ.के. सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। यह प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई भू-माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ पर एक बड़ा प्रहार है।

दरअसल जिलाधिकारी कपिल सिंह ने बताया कि मंडलायुक्त कानपुर द्वारा भूमि आवंटन निरस्त करते हुए पुनर्ग्रहीत भूमि को पुनः ग्राम सभा के नाम दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। कमिश्नर के. विजयेन्द्र पांडियन ने भी स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट से यह पूरी तरह साफ है कि जमीन लेने वाली कंपनियों ने पट्टा विलेख की अनिवार्य शर्तों का खुला उल्लंघन किया है

Ankita Chourdia
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