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गंगोत्री धाम में सन्नाटा: धराली आपदा ने रोकी आस्था की राह, कारोबार पूरी तरह ठप

Written by:Vijay Choudhary
Published:
गंगोत्री धाम में सन्नाटा: धराली आपदा ने रोकी आस्था की राह, कारोबार पूरी तरह ठप

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आई भीषण आपदा ने धराली गांव को तो प्रभावित किया ही, साथ ही गंगोत्री धाम जैसे पवित्र स्थल को भी पूरी तरह से मौन और वीरान बना दिया है। आमतौर पर श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार रहने वाला यह तीर्थ स्थल इस समय लगभग खाली है। न दुकानें खुली हैं, न श्रद्धालु नजर आ रहे हैं और न ही स्थानीय व्यापारियों की चहल-पहल।

आस्था की नगरी में पसरा सन्नाटा

चारधामों में से एक गंगोत्री धाम इस वक्त एक अलग ही रूप में नजर आ रहा है। आपदा के बाद यहां ऐसा सन्नाटा है जो शायद ही किसी ने पहले देखा हो। शीतकाल में भी यहां कुछ न कुछ गतिविधि बनी रहती है, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। दुकानों पर ताले लटक रहे हैं, होटल और लॉज पूरी तरह बंद हैं, और साधु-संत अपने आश्रमों में तपस्या में लीन हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा माहौल इससे पहले कभी नहीं देखा गया।

कारोबार ठप, लोग लौटे घर

गंगोत्री धाम के अधिकतर व्यवसायी और स्थानीय लोग अपने घर लौट चुके हैं। आपदा के डर और सुरक्षा के अभाव में लोगों ने अपने कारोबार स्वेच्छा से बंद कर दिए हैं। दुकानों और होटलों में ताले लटक रहे हैं। यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था, जो मुख्य रूप से पर्यटन और तीर्थयात्रियों पर आधारित है, पूरी तरह से चरमरा गई है। लोगों को इस आपदा से उबरने में लंबा वक्त लग सकता है।

धराली-हर्षिल मार्ग अब भी बाधित

धराली से गंगोत्री और हर्षिल तक जाने वाला पैदल मार्ग अभी तक सुचारु नहीं हो पाया है। यह मार्ग राहत पहुंचाने और लोगों की आवाजाही के लिए बेहद अहम है, लेकिन भारी मलबे और टूटे रास्तों के कारण यहां राहत कार्य बाधित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि 1-2 दिनों के भीतर रास्ता खोलने की कोशिश की जा रही है, ताकि राहत सामग्री और बचाव टीमें बेहतर ढंग से काम कर सकें।

राहत और बचाव कार्य लगातार जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं हालात पर नजर रखे हुए हैं। राज्य सरकार की ओर से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और स्थानीय प्रशासन को मिलाकर राहत व बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। अब तक कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन कई अभी भी लापता हैं। हर दिन राहत दल मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रभावितों की हरसंभव मदद की जाएगी और राज्य सरकार उनके पुनर्वास पर भी फोकस करेगी।