देहरादून की विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र का पहला दिन खूब गरमा-गरमी वाला रहा। जहां एक ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5315.389 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और स्पीकर ने उसे स्थगित कर दिया।
विपक्ष सरकार पर कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर हमलावर रहा, लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “हम बहस के लिए तैयार थे, लेकिन विपक्ष केवल हंगामा करना चाहता है।”
सदन में पेश हुआ 5315 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5315.389 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया। यह बजट राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण योजनाओं को गति देने के लिए लाया गया है। सरकार का मानना है कि यह बजट प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के माध्यम से आम जनता को राहत देने की कोशिश की गई है और इससे कई अहम योजनाएं पूरी की जा सकेंगी। हालांकि, विपक्ष ने इस बजट को ‘कागजी वादों का पुलिंदा’ बताया।
नौ विधेयक रखे गए सदन में, UCC में संशोधन भी शामिल
इस सत्र में सरकार ने नौ विधेयक सदन में प्रस्तुत किए, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा समान नागरिक संहिता (UCC) उत्तराखंड संशोधन विधेयक 2025 को लेकर रही। इसके अलावा निजी विश्वविद्यालयों, अल्पसंख्यक शिक्षा, पंचायती राज और धर्म स्वतंत्रता से जुड़े संशोधन विधेयक भी शामिल थे।
सभी विधेयक इस प्रकार हैं-
- अनुपूरक विनियोग विधेयक 2025
- बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर अधिनियम संशोधन
- धर्म स्वतंत्रता संशोधन
- निजी विश्वविद्यालय संशोधन
- साक्षी संरक्षण निरसन
- अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक
- UCC संशोधन विधेयक
- पंचायती राज संशोधन
- लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक
सीएम धामी का विपक्ष पर पलटवार – “जनता सब देख रही है”
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के हंगामे पर नाराजगी जताई और कहा कि सदन चर्चा का मंच है, हंगामे का नहीं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे हर हार के बाद ईवीएम, चुनाव आयोग और प्रशासन पर सवाल उठाते हैं। सीएम ने नैनीताल का उदाहरण देते हुए कहा, “वहां अध्यक्ष भाजपा का और उपाध्यक्ष कांग्रेस का बना। अगर चुनाव निष्पक्ष नहीं होते तो दोनों पद भाजपा को मिलते।” उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनाव में जनता के भरोसे पर खरी उतरी है – पंचायत हो या लोकसभा।
अब 20 अगस्त को होगी अगली कार्यवाही
हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही को 20 अगस्त 2025, सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। देखना दिलचस्प होगा कि अगली बैठक में क्या विपक्ष मुद्दों पर बहस करेगा या फिर एक बार फिर सदन की कार्यवाही बाधित होगी।





