Uttarakhand DA HIKE 2025: केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 3 फीसदी बढ़ाए जाने के बाद अब राज्य सरकारों ने भी डीए/डीआर वृद्धि की घोषणा करना शुरू कर दिया है। राजस्थान, बिहार, गुजरात, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड और अरूणाचल के बाद उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के डीए में 3 फीसदी वृद्धि की है। इसी के साथ बोनस का भी ऐलान किया है।नई दरें जुलाई 2025 से लागू की गई है, ऐसे में 1 जुलाई से सितंबर 2025 तक के एरियर का भुगतान नकद किया जाएगा। इस फैसले से राज्य के लगभग 2.5 लाख से अधिक कर्मचारी और उनके परिवार लाभान्वित होंगे।
उत्तराखंड के कर्मचारियों पेंशनर्स का 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाया
दरअसल, उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य के ढाई लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने का फैसला किया है। इसके साथ ही दिवाली बोनस का भी ऐलान किया गया है। यह बोनस उन अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा, जिनका ग्रेड पे 4800 रुपये (पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स में लेवल-8) तक है। पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 7,000 रुपये की सीमा को मानते हुए 30 दिनों के परिलब्धियों के बराबर 6,908 रुपये का बोनस मिलेगा।जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने लगातार तीन या उससे अधिक वर्षों में निर्धारित कार्य अवधि पूरी की है, उन्हें भी शर्तों के साथ अधिकतम 1,200 रुपये तक बोनस दिया जाएगा।
उत्तराखंड : मई 2025 में बढ़ाया गया था 2 फीसदी महंगाई भत्ता
गौरतलब है कि इससे पहले मई में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सातवें वेतनमान का लाभ ले रहे कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते / महंगाई राहत में 2 फीसदी वृद्धि की थी जिसके बाद डीए 53% से बढ़कर 55% पहुंच गया था। इससे 1,70,000 कर्मचारी और 1,45,000 पेंशनर्स लाभान्वित हुए।इसमें कार्मिकों/ सिविल/ पारिवारिक/ पेंशनरों/ स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों राजकीय विश्वविद्यालयों तथा प्राविधिक शिक्षण संस्थानों तथा UGC वेतनमानों में कार्यरत कार्मिकों/ सिविल/ पारिवारिक पेंशनरों शामिल थे।
क्या होता है मंहगाई भत्ता
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च और अक्टूबर के आसपास होता है। केन्द्र सरकार के ऐलान के बाद राज्य सरकारों द्वारा घोषणा की जाती है।





