
देहरादून-मसूरी मार्ग पर शिव मंदिर के पास पुल टूट गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने कुठालगेट से आगे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी। मंगलवार को मसूरी जाने वाली परिवहन निगम की बसें चल ही नहीं सकीं। देहरादून से मसूरी और आगे के रूट की बस सेवाएं रुक गईं। यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों से यात्रा करनी पड़ी। जिन लोगों ने ऑनलाइन टिकट बुक कराए थे, उन्हें पूरा रिफंड दे दिया गया। पुल टूटने के बाद यह समस्या पूरे दिन बनी रही और यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
रोज़ाना हजारों यात्री प्रभावित, बस सेवा पूरी तरह ठप
इस मार्ग पर कुल 30 बसें चलती हैं, जिनमें से 25 बसें केवल देहरादून-मसूरी मार्ग पर संचालित होती हैं। बाकी बसें मसूरी होकर दूसरे पर्वतीय इलाकों तक जाती हैं। रोज़ाना इन बसों से करीब 3,500 से 4,000 यात्री सफर करते हैं। मंगलवार को सभी बसों की आवाजाही बंद हो गई। मसूरी होकर चंबा और आगे जाने वाली बसें भी नहीं चल सकीं। वहीं बड़कोट (उत्तरकाशी) और नैनबाग (टिहरी) की ओर जाने वाली बसों को विकासनगर-यमुना पुल के रास्ते से चलाया गया। इसके अलावा विश्वनाथ सेवा की करीब 20 निजी बसें भी बंद रहीं।
वैकल्पिक रास्तों से यात्रा कर रहे यात्री
प्रशासन ने बताया कि देहरादून-लंबीधार-किमाड़ी मार्ग भी बंद है। फिलहाल वाहन विकासनगर होते हुए यमुना पुल और कैंपटी फाल वाले रास्ते से मसूरी जा सकते हैं। यह मार्ग पक्का है, लेकिन इससे दूरी काफी बढ़ जाती है। सामान्य तौर पर देहरादून से मसूरी की दूरी करीब 35 किलोमीटर है, जबकि वैकल्पिक रास्ते से यह लगभग 80 किलोमीटर हो जाती है। यात्रियों को लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
यात्रियों की मुसीबत और प्रशासन की मदद
पुल टूटने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। प्रशासन ने ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों का पैसा लौटाने का काम शुरू कर दिया। साथ ही वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जा रही है। फिलहाल पुल की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू होने तक स्थिति सामान्य नहीं होगी। पुलिस यात्रियों को सुरक्षित रास्तों से यात्रा करने की सलाह दे रही है। प्रशासन का कहना है कि पुल जल्द ठीक कर दिया जाएगा ताकि देहरादून-मसूरी मार्ग पर यातायात दोबारा शुरू हो सके।
