
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस अब नए ध्वज, प्रतीक चिह्न और सेरेमोनियल वर्दी के साथ नजर आएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस के नए गौरव चिह्नों का अनावरण किया। पुलिस के ध्वज से लेकर वर्दी पर लगाए जाने वाले चिह्नों तक में बदलाव किया गया है। यह नई पहचान ऐसे समय सामने आई है, जब 6 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित करने वाले हैं। इस अवसर पर पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी पहनकर परेड में हिस्सा लेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस के नए ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट का अनावरण किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 की शुरुआत भी की। कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन 1064 को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
उत्तराखंड पुलिस के ध्वज में क्या बदला?
उत्तराखंड पुलिस का नया ध्वज गहरे नीले रंग का होगा। इसके बीच में पुलिस का नया प्रतीक चिह्न लगाया गया है, जबकि किनारों पर लाल और सुनहरे रंग का इस्तेमाल किया गया है। इससे पहले पुलिस के ध्वज में तीन रंगों की क्षैतिज पट्टियां थीं। पुराने ध्वज का अनावरण 4 अप्रैल 2008 को किया गया था।
नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, सत्यमेव जयते, सुनहरी लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को जगह दी गई है। इसके जरिए देश की पहचान के साथ उत्तराखंड की भौगोलिक विशेषताओं को भी दर्शाया गया है।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगने वाले चिह्नों को भी नए प्रतीक के अनुसार बदला गया है। वहीं, विशेष समारोहों और परेड में पहनी जाने वाली खाकी वर्दी में बहुरंगी सैश और नए अलंकरण शामिल किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को इन बदलावों को मंजूरी दी थी।
6 नवंबर को राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित होगी उत्तराखंड पुलिस
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान करेंगे। यह पुलिस बल को मिलने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है।
इस समारोह में उत्तराखंड पुलिस के जवान पहली बार नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए प्रतीक और वर्दी पुलिस की पहचान का हिस्सा हैं, लेकिन इनका वास्तविक सम्मान पुलिसकर्मियों के व्यवहार और कामकाज से तय होगा।
उन्होंने कहा कि नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार, निष्पक्ष कार्रवाई और बेहतर पुलिस सेवाएं ही जनता का भरोसा मजबूत करती हैं। उत्तराखंड पुलिस के नए ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से कर्तव्य, सत्य और साहस को अपनी कार्यशैली में अपनाने की अपील की।
भ्रष्टाचार की शिकायतों वाली हेल्पलाइन 1064 की होगी नियमित समीक्षा
पुलिस के नए गौरव चिह्नों के अनावरण के साथ मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 की भी शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की नियमित समीक्षा करने के निर्देश मुख्य सचिव को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की जाती है, उसी तरह भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर भी लगातार नजर रखी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करना जरूरी है, लेकिन उन कमियों को दूर करना भी उतना ही आवश्यक है, जिनकी वजह से सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार की गुंजाइश बनती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि यदि किसी सरकारी काम में भ्रष्टाचार की शिकायत हो तो हेल्पलाइन 1064 पर इसकी जानकारी दें। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों की समस्याएं सुनकर उनके काम तय समय में पूरे किए जाएं।
दो पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति पर किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुईं शाहजहां जावेद खान और जगदीश चंद्र को मुख्यमंत्री ने प्रतीक चिह्न लगाकर सम्मानित किया।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया और सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और एकता को मजबूत बनाने में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने बदलती चुनौतियों को देखते हुए उसकी कार्यक्षमता बढ़ाना जरूरी है। नए गौरव चिह्नों के साथ पुलिस के व्यवहार, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सेवाओं में भी सुधार दिखाई देना चाहिए।
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