साल 2027 में होने वाले महाकुंभ की तैयारियां अब धरातल पर उतरनी शुरू हो गई हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुंचकर मेले से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की और 234 करोड़ रुपये की लागत वाली 34 अहम विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस कदम को कुंभ की तैयारियों की औपचारिक और जमीनी शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
कुंभ मेला नियंत्रण भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल आयोजन पूरा करना नहीं, बल्कि इसे एक ‘दिव्य और भव्य’ अनुभव बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी स्थायी और अस्थायी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
किन प्रमुख कार्यों पर होगा फोकस?
लगभग 250 करोड़ रुपये की कुल लागत से होने वाले इन कार्यों में कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। सरकार का जोर स्थायी निर्माण पर है, जिसका लाभ कुंभ के बाद भी हरिद्वार की जनता और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मिलता रहेगा।
इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- घाटों का निर्माण और सौंदर्यीकरण
- सड़क और परिवहन व्यवस्था का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण
- पेयजल सुविधाओं को मजबूत करना
- श्रद्धालुओं के लिए स्थायी सुविधाओं का विकास
प्रशासन का दावा है कि ये परियोजनाएं केवल कुंभ तक ही सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि ये हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन विकास की मजबूत आधारशिला भी बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने दिया समय पर काम पूरा करने का निर्देश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इन सभी परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करेंगे।
“लक्ष्य केवल आयोजन करना नहीं बल्कि ऐसा भव्य और दिव्य कुंभ देना है, जहां आने वाले श्रद्धालु बेहतर व्यवस्थाओं के साथ मां गंगा का आशीर्वाद लेकर लौटें। सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे होंगे।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
इसके अलावा, सरकार कुंभ की पारंपरिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए लगातार अखाड़ों और संत समाज के साथ संवाद कर रही है। अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं ताकि आयोजन पूरी गरिमा और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। इस शिलान्यास कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।






