उत्तराखंड की सियासत में जारी हलचल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने 15 दिन के ‘अर्जित अवकाश’ को लेकर उठ रहे सवालों पर चुप्पी तोड़ी है। दरअसल रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर न सिर्फ अपने फैसले का बचाव किया है, बल्कि अपनी आलोचना करने वालों को भी साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके इस अवकाश को लेकर लगातार ‘गोले बरसाए’ जा रहे हैं, जबकि यह उनका अधिकार है।
दरअसल हरीश रावत ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का हवाला देते हुए बताया है कि उन्होंने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच काम किया है, इसलिए ‘अर्जित अवकाश’ का महत्व उनके मन में गहराई से बसा हुआ है। उन्होंने साफ किया है कि यह अवकाश उन्होंने पूरी तरह से निष्क्रिय रहने के लिए नहीं लिया है। इसके उलट, वह इस दौरान भी लगातार अपने सामाजिक दायित्व निभा रहे हैं। वहीं रावत ने कहा है कि जहां-जहां वह जा रहे हैं, वहां उन्हें यह महसूस हो रहा है कि कांग्रेस लोगों के बीच मजबूती से मौजूद है।
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कांग्रेस के भीतर के आलोचक और छवि खराब करने के आरोप
दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी आलोचना करने वालों को तीन वर्गों में बांटा है। पहले वर्ग में उन्होंने कांग्रेस के ही कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को रखा है। रावत ने इन लोगों से सीधा सवाल किया है कि क्या ‘अर्जित अवकाश’ लेना कोई अपराध है। उन्होंने कहा है कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर लगातार उनके खिलाफ टिप्पणियां कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा हो रहा है। रावत ने आरोप लगाया है कि ऐसे लोग जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं उन्होंने यह भी याद दिलाया है कि कुछ लोग पहले भी उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर चुके हैं। खासकर 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान ‘मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ जैसे मुद्दों को लेकर उनके खिलाफ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए फर्जी और भ्रामक सामग्री तैयार कर प्रचार किया गया था। रावत ने दावा किया है कि ऐसे कई उदाहरण आज भी उनके पास सुरक्षित हैं और अब फिर उसी तरह की कोशिशें दोहराई जा रही हैं। उन्होंने इन हरकतों को निंदनीय बताया है और कहा है कि पार्टी के भीतर ही ऐसी राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा समर्थक और ‘भार’ होने का सवाल
दूसरे वर्ग में हरीश रावत ने उन लोगों को शामिल किया है जो कांग्रेस के कटु आलोचक हैं। इस वर्ग में उन्होंने बड़ी संख्या में भाजपा समर्थकों को बताया है। रावत ने तंज कसते हुए कहा है कि यह लोग अब उनके अवकाश को लेकर लंबी-लंबी पोस्ट और लेख लिख रहे हैं और यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह कांग्रेस पर ‘भार’ बन गए हैं। उन्होंने सवाल किया है कि जो लोग हमेशा कांग्रेस की आलोचना करते रहे हैं, उन्हें अब पार्टी की इतनी चिंता क्यों होने लगी है।
रावत ने यह भी कहा है कि इन आलोचकों ने उनके सार्वजनिक जीवन के केवल नकारात्मक पहलुओं को ही सामने रखा है, जबकि कभी भी कांग्रेस के पक्ष को संतुलित तरीके से नहीं रखा है। हालांकि, उन्होंने इसे सकारात्मक रूप में लेते हुए कहा है कि यदि उनके अवकाश के बहाने ये लोग कांग्रेस के बारे में लिख रहे हैं, तो यह भी एक तरह से पार्टी के पक्ष में ही जा रहा है और कांग्रेस को चर्चा में ला रहा है।
तीसरे वर्ग में हरीश रावत ने अपने उन साथियों और मित्रों को रखा है जो ‘परिवर्तन’ की इच्छा रखते हैं और मौजूदा परिस्थितियों से थोड़ा परेशान हैं। रावत ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह अपने सिद्धांतों पर अडिग हैं और ‘उत्तराखंडियत’ के मूल्यों के साथ हमेशा खड़े हैं। उन्होंने कहा है कि वह आज भी उन विचारों के मजबूत संदेशवाहक हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक अनुभव और आंकड़ों के जरिए अपनी बात को मजबूती दी है। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव का जिक्र किया है, जिसमें कांग्रेस की सीटें कम हुई थीं और वह खुद दो जगह से चुनाव हार गए थे। इसके बावजूद, उन्होंने बताया है कि उस चुनाव में पार्टी का वोट प्रतिशत 2012 के मुकाबले थोड़ा बढ़ा था। उन्होंने यह भी याद दिलाया है कि उस समय पार्टी के भीतर बगावत जैसी स्थिति थी और कई नेता भाजपा में चले गए थे, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ था।
वहीं उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया है। रावत ने बताया है कि उस चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत 2012 की तुलना में करीब 4.41 प्रतिशत बढ़ा था। उन्होंने यह भी खुलासा किया है कि वह उस समय कैंपेन कमेटी के चेयरमैन थे, लेकिन उन्हें चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर तक उपलब्ध नहीं कराया गया था। इसके बावजूद, उन्होंने अपने निजी संसाधनों से प्रचार किया था और पार्टी के लिए पूरा जोर लगाया था।
दरअसल 2024 के लोकसभा चुनाव में हरिद्वार सीट पर अपने प्रदर्शन को लेकर भी हरीश रावत ने बात की है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को वहां अच्छा समर्थन मिला है और छह विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को बढ़त हासिल हुई है। उन्होंने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि लोगों ने एक ‘सिपाही’ के रूप में उनकी सेवाओं को सम्मान दिया है और उन्हें अपना आशीर्वाद दिया है।