मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। विदिशा में भी लगातार बारिश हो रही है जिसकी वजह से नदी नाले उफान पर चल रहे हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं कुछ जगह तो ऐसी है, जो पूरी तरह से जलमग्न हो गई है।
इसी कड़ी में जिले के पथरिया और बामनखेड़ा गांव में भारी जलभराव देखने को मिला। ऐसे में गांव के कुछ लोग और गौवंश पानी के बीच फंस गए। प्रशासन द्वारा तुरंत ही तत्परता दिखाते हुए एसडीआरएफ की सहायता से सभी का रेस्क्यू किया गया।
विदिशा में SDRF का रेस्क्यू
जिले के गांव पथरिया गांव में जलभराव होने की वजह से 4 लोग और 7 गौवंश पानी के बीच फंस गए थे। वहीं बामनखेड़ा 15 लोग जलभराव में फंसे हुए थे। जैसे ही इसकी सूचना मिली प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा और सभी का रेस्क्यू किया।
गौवंश को भी किया रेस्क्यू
जिला सेनानी होमगार्ड मयंक कुमार जैन के नेतृत्व में प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे और 8 एसडीआरएफ जवानों की टीम ने यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। टीम ने पथरिया गांव में पानी के बीच फंसी एक महिला और तीन पुरुषों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसमें अलावा 7 गौवंश जो पानी में फंसे हुए थे उनका भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। बामनखेड़ा गांव में हुए जल भराव के बीच 15 लोग फंस गए थे, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। इन सभी का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। जिन इलाकों में जलभराव हुआ है, वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
विदिशा में SDERF-होमगार्ड की त्वरित रेस्क्यू कार्रवाई ग्राम बामनखेड़ा में जलभराव में फंसे 15 नागरिकों को संयुक्त टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।
ग्राम पथरिया में 4 नागरिकों एवं 7 गौवंश को भी सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया।#SDERF #Vidisha #FloodRescue pic.twitter.com/E7UCe5WIPC— MP SDERF (@MpSderf) August 10, 2026
मुसीबत में देवदूत बनीं SDERF-होमगार्ड की टीम। ग्राम वामनखेड़ा में सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 2 महिलाएं, 7 पुरुष और 6 बच्चे शामिल हैं। मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए टीम ने सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। #Rescue pic.twitter.com/FfSyoC1b5X
— PRO JS Vidisha (@ProVidisha) August 10, 2026
कुत्ते का भी किया गया रेस्क्यू
बारिश की वजह से बेतवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसका पानी चरण तीर्थ मंदिर तक पहुंच चुका है, जिसकी वजह से आने जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद है। इसी वजह से एक कुत्ता मंदिर परिसर में फंस किया था। मामले की जानकारी लगने के बाद प्रशासन द्वारा इसका रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बारिश के चलते नदी नाले लगातार उफान पर हैं, जिसकी वजह से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। प्रशासन द्वारा हर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और एसडीआरएफ तथा होमगार्ड जवानों की टीम भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।






