Video : नटखट बंदर, टाइगर के साथ की छेड़खानी

Video : नटखट बंदर, टाइगर के साथ की छेड़खानी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। बंदर (monkey) कितने शरारती होते हैं, सभी को पता है। हमारे ये पूर्वज नकल करने में माहिर हैं और जितने नटखट हैं उतने ही बुद्धिमान भी। बंदरों को दो वर्गों में बांटा गया है, पहली श्रेणी में प्राचीन दुनिया के बंदर हैं जो एशिया और अफ्रीका में पाए जाते हैं वहीं दूसरी श्रेणी में नवीन दुनिया के बंदर हैं जो दक्षिणी अमेरिका में होते हैं। इनकी नकल करने की क्षमता के कारण इन्हें बहुत आसानी से प्रशिक्षित किया जा सकता है।

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ये काफी मूडी भी होते हैं और अगर इन्हें इनकी मर्जी के खिलाफ छू लिया गया तो हमला भी कर सकते हैं। अब तक बंदरों की 264 प्रजातियों की खोज हो चुकी है। कुछ ऐसे काम हैं जो इंसानों के अलावा बंदर ही कर सकते हैं। इनमें केला छीलकर खाना भी शामिल है..सिर्फ बंदर ही केला छीलकर खाते हैं लेकिन ये केले को उल्टी तरफ से छीलते हैं। इसी तरह भले ही ये अविश्वसनीय लगे, लेकिन बंदरों को गिनती गिनना भी सिखाया जा सकता है।

आज हम आपके एक मजेदार वीडियो दिखाने जा रहे हैं जिसमें एक बंदर फुल मस्ती के मूड में है। हम देखते हैं कि नटखट बंदर जंगल में पेड़ की टहनियों पर उछल कूद कर रहा है। लेकिन इसी के साथ वो एक बड़ा रिस्क भी ले रहा है। नीचे कुछ टाइगर झुंड में बैठे हुए हैं और ये बंदर उन्हें रह रहकर छेड़ रहा है। वो पेड़ की टहनी से लटकते हुए कभी किसी टाइगर का कान खींच देता है तो कभी पूंछ। इतना ही नहीं, कान से खींचकर वो टाइगर को उठने पर भी मजबूर कर देता है। बंदर की इस हरकत से टाइगर हैरान है और गुस्से में उठते भी हैं..लेकिन तब तक तो वो उछलकर ऊपर जा चुका होता है। ये बिल्कुल रुक नहीं रहा जबकि इसे पता है कि टाइगर कितना खतरनाक जानवर है। इस वीडियो को देखकर हमें अपने घर के बच्चों की याद आ जाती है जो तमाम समझाइश के बावजूद मस्ती करना नहीं छोड़ते।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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