सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आगर मालवा जिले के सुसनेर में कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश पदाधिकारी निजाम मंसूरी को एक आपराधिक मामले में सुर्खियों में ला दिया है। बुधवार को सामने आए इस मामले में सुसनेर थाना पुलिस ने निजाम मंसूरी सहित कुल तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इन पर एक युवक के घर में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना का वायरल वीडियो भी पुलिस की जांच के दायरे में है, जिसमें कथित तौर पर मारपीट होती दिखाई दे रही है। पुलिस ने इस मामले में नामजद तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फरियादी हैमराज मालवीय की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीते 15 जुलाई को निजाम मंसूरी, अजहर मंसूरी और जावेद मंसूरी ने मिलकर फरियादी के घर का ताला तोड़कर उसमें जबरन प्रवेश किया। घर में घुसते ही उन्होंने हैमराज मालवीय के साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया और जब फरियादी ने इसका विरोध किया, तो तीनों आरोपियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
शिकायत में सनसनीखेज आरोप
फरियादी हैमराज मालवीय ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि घर पर मारपीट करने के बाद भी आरोपियों का मन नहीं भरा। इसके बाद तीनों आरोपी उसके पिता की आरा मशीन पर पहुंचे, जहां उन्होंने एक बार फिर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपियों ने इस दौरान जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया और फरियादी तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरी घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में फरियादी के परिजनों और एक पड़ोसी का नाम भी पुलिस को दी गई शिकायत में दर्ज कराया गया है, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है।
पुलिस ने मामला किया दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। सुसनेर थाना पुलिस ने आरोपियों को राउंडअप कर लिया है और उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में फरियादी की शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, दोनों की गहनता से जांच की जा रही है। फरियादी हैमराज मालवीय का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट भी जांच का अहम हिस्सा होगी। प्राथमिक जानकारी के आधार पर यह सामने आया है कि निजाम मंसूरी को संदेह था कि उनके यहां हुई कथित चोरी में फरियादी हैमराज मालवीय का हाथ हो सकता है। इसी शक के चलते विवाद बढ़ा और उसने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप मारपीट की यह घटना हुई। हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे घटनाक्रम, वायरल वीडियो और दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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