आगर मालवा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 148 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 25 लाख 30 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक महंगी बलेनो कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई जिले में सक्रिय ड्रग्स माफिया के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो युवा पीढ़ी को नशे के जाल में धकेल रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आगर मालवा जिले में इन दिनों अवैध मादक पदार्थों और शराब की तस्करी के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले को अपराध मुक्त बनाना और समाज में बढ़ते नशे के प्रचलन पर लगाम लगाना है। इसी कड़ी में कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम को सक्रिय किया गया था, जिसे लगातार खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और अपराधियों पर नजर रखने का जिम्मा सौंपा गया था। इस टीम को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
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शहर में बड़ी डील को अंजाम देने की फिराक में आरोपी
पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी, जिसने बताया कि बड़ौद की ओर से एक सिल्वर रंग की बलेनो कार, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर आरजे 17 सीबी 9871 है, उसमें दो व्यक्ति एमडी ड्रग्स का बड़ा जखीरा लेकर आगर की तरफ आ रहे हैं। मुखबिर ने यह भी बताया कि वे जल्द ही आगर शहर में प्रवेश करने वाले हैं और किसी बड़ी डील को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस अहम सूचना को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता और गोपनीयता के साथ लिया, ताकि तस्करों को किसी भी तरह की भनक न लग सके और वे भागने में सफल न हों।
सूचना मिलते ही, थाना प्रभारी शशि उपाध्याय ने बिना समय गंवाए तत्काल एक अनुभवी पुलिसकर्मियों की टीम गठित की। इस टीम में उपनिरीक्षक और आरक्षक स्तर के अधिकारी शामिल थे। टीम को तुरंत आगर-बड़ौद रोड पर स्थित न्यू मेघदूत ढाबा के सामने नाकाबंदी करने के निर्देश दिए गए। पुलिस बल ने सड़क पर रणनीतिक रूप से पोजीशन ली और हर आने-जाने वाले वाहन पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि संदिग्ध वाहन को किसी भी कीमत पर रोका जा सके।
कुछ देर की सतर्क प्रतीक्षा के बाद, मुखबिर द्वारा बताई गई सिल्वर रंग की बलेनो कार, जिसका नंबर आरजे 17 सीबी 9871 था, नाकाबंदी स्थल की ओर आती दिखी। पुलिस टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए कार को रुकने का इशारा किया। चालक ने पहले तो पुलिस को चकमा देकर बच निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और घेराबंदी के चलते उसे आखिरकार रुकना पड़ा। पुलिस ने नियमानुसार कार को घेर लिया और उसमें सवार दोनों व्यक्तियों, जिनकी पहचान बाद में हुई, को हिरासत में लिया।
तस्करी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और कार जब्त
कार और उसमें सवार व्यक्तियों की बारीकी से तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, एक आरोपी प्रधान सिंह के कब्जे से एक पारदर्शी पॉलिथीन में लपेटकर रखी गई 148 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। एमडी ड्रग्स, जिसे मेफेड्रोन भी कहते हैं, एक सिंथेटिक और बेहद खतरनाक मादक पदार्थ है, जो सीधे तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। इसे युवा पीढ़ी में ‘पार्टी ड्रग’ के नाम से भी जाना जाता है और इसकी लत बहुत तेजी से फैलती है। नारकोटिक्स टेस्ट किट से मौके पर ही ड्रग्स की पुष्टि की गई, जिससे किसी भी तरह की शंका समाप्त हो गई। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए, जो ड्रग्स नेटवर्क में संवाद और डीलिंग के लिए उपयोग किए जा रहे थे। तस्करी के लिए उपयोग की जा रही बलेनो कार को भी जब्त कर लिया गया, जिसकी कीमत भी लाखों में बताई जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण, आरोपियों से कर रही पूछताछ
पुलिस ने इस गंभीर मामले में थाना कोतवाली आगर पर अपराध क्रमांक 154/2026 धारा 08/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत यह एक अत्यंत गंभीर अपराध है, जिसमें मादक पदार्थों की मात्रा के आधार पर दोषी पाए जाने पर 10 साल से लेकर 20 साल तक की कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस ने यह पूरी कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तय प्रावधानों और कानूनी प्रक्रिया का सख्ती से पालन करते हुए की है, ताकि आरोपियों को कानून के तहत सजा मिल सके।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य इस मादक पदार्थ के स्रोत का पता लगाना और इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। यह ड्रग्स कहां से लाई गई थी, आगर मालवा में इसकी सप्लाई किसे की जानी थी, और इस गिरोह के तार किन-किन शहरों या राज्यों से जुड़े हैं, इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इन आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर ड्रग्स तस्करी के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है, जिससे जिले और आसपास के क्षेत्रों में नशे के कारोबार पर लगाम लग सकेगी।