Most Expensive Rice: ये है दुनिया का सबसे महंगा चावल, कीमत जान हो जाएंगे हैरान

Most Expensive Rice

Most Expensive Rice Of World: भारत एक ऐसा देश है जहां पर विभिन्न तरह के अनाजों का उत्पादन किया जाता है। अपने बेहतरीन व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है यह देश इन अनाजों से अलग अलग तरह की चीजें तैयार करता है जो लोगों को बहुत पसंद आती है। चावल एक ऐसी चीज है जो हर भारतीय के डेली रूटीन में शामिल रहता है। यही वजह है कि हमारे देश में हर किस्म का चावल उगाया जाता है।

20 से 25 रुपए किलो मिलने वाला चावल हो या फिर 100 से 300 रुपए में हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप इसे खरीदता है और बड़े ही चाव से अपने खाने में शामिल करता है। अब तक आपने कई किस्म के चावल खाए होंगे जो अलग-अलग वैरायटी में आते हैं। लेकिन आज हम आपको इस अनाज की एक ऐसी वैरायटी के बारे में बताते हैं जिसके बारे में सुनकर आप हैरान हो जाएंगे।

ये है Most Expensive Rice

महंगे चावल की बात निकलती है तो भारत में अगर सबसे महंगी वैरायटी की बात करें तो काला चावल का नाम सामने आता है। इसकी कीमत 300 रुपए किलो के आसपास होती है जिसे लोग बड़े ही स्वाद के साथ खाना पसंद करते हैं।

किसी को भी जानकर हैरानी होगी लेकिन दुनिया का सबसे महंगा चावल इसकी कीमत से 3 से 4 गुना ज्यादा महंगा है। सऊदी अरब में पाया जाने वाला हसावी चावल दुनिया का सबसे महंगा भात है और वहां के अमीर लोगों के बीच यह काफी प्रसिद्ध है और वह इसे खाना बहुत पसंद करते हैं।

ऐसे उगता है Hesawi Rice

इस चावल की पैदावार सऊदी अरब के एक खास हिस्से में की जाती है और इसके लिए 48 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर की आवश्यकता होती है, वरना ये फसल खराब हो जाती है।

Most Expensive Rice

इसी के साथ जब तक फसल पूरी तरह से तैयार नहीं हो जाती यानी निकाली नहीं जाती, इसकी जड़ का पानी में डूबे रहना जरूरी होता है। यही वजह है कि इसकी सिंचाई में बहुत ध्यान रखा जाता है और पानी को कम नहीं होने दिया जाता।

इतनी है हसावी चावल की कीमत

यह चावल भारत में मिलने वाले सबसे महंगी काला चावल की तुलना में काफी महंगा है। उच्च गुणवत्ता की बात करें तो वह आपको 1000 से 1200 रुपए प्रति किलो मिलेगी। वहीं कम गुणवत्ता के चावल-600 से 800 रुपए प्रति किलो में मिल जाएंगे।

भीषण गर्मी के समय इनकी बुवाई की जाती है और नवंबर दिसंबर के समय फसल तैयार होने पर इसे काट लिया जाता है। लाल रंग होने की वजह से इन्हें रेड राइस के नाम से भी जाना जाता है और सऊदी अरब के रहने वाले लोग इसकी बिरयानी खाना ज्यादा पसंद करते हैं।

हसावी के फायदे

इस चावल को उगाने में जितनी मेहनत लगती है और इसे जिस तरीके से तैयार किया जाता है और जिस हिसाब से इसकी कीमत है। उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें कुछ ना कुछ खास तो होगा ही।

मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक चावल में बासमती की तुलना में अधिक फेनोलिक और फ्लेवोनॉयड होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि भी ज्यादा होती है और पानी में घुलनशील वाले विटामिन और जिंक की मात्रा भी बासमती के मुकाबले अधिक पाई जाती है।

इसमें मौजूद सारे गुणों के चलते अगर इसे आहार में शामिल किया जाएगा, तो यह भरपूर मात्रा में शरीर को प्रोटीन और फाइबर प्रदान करेगा, जो सेहत के लिहाज से अच्छा है।

प्रचुर मात्रा में पोषक तत्वों से भरपूर होने के चलते यह व्यक्ति के शरीर को फिट बनाए रखेगा और इसका सेवा करने वाले लोग अधिक उम्र में भी ऊर्जावान महसूस करेंगे। यही वजह है कि सऊदी अरब के रहने वाले लोग जिनमें से ज्यादातर अमीर है। इस चावल को अपने खाने में शामिल करते हैं ताकि उन्हें भरपूर प्रोटीन और फाइबर मिल सके।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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