6 साल की बच्ची ने तोड़ी अपनी गुल्लक, कोरोना से बचाव के लिये दान की राशि

6 साल की बच्ची ने तोड़ी अपनी गुल्लक, कोरोना से बचाव के लिये दान की राशि

अलीराजपुर/यतेंद्रसिंह सोलंकी

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद कई लोग अपने सामर्थ्य अनुसार कोरोना वायरस से लड़ने के लिये आर्थिक सहायता कर रहे हैं। इसी क्रम में अलीराजपुर में एक भावुक पल देखने को मिला सब 6 साल की नन्हीं बच्ची ने अपनी गुल्लक के पैसे कोरोना के लिये दान कर दिये।

6 साल की आन्या जैन यूकेजी में पढ़ती है और इन्होने बड़ी मेहनत से अपनी गुल्लक में पैसे जमा किये थे, लेकिन जब उसे कोरोना के खतरे के बारे में जानकारी लगी और पता चला कि लोग इससे लड़ने के लिये हरसंभव मदद कर रहे हैं तो इस बच्ची ने भी अपनी गुल्लक तोड़ दी। आन्या ने अपने जमा किये 1100 रूपये दान किये हैं। अपने पिता अंकित जैन के साथ कलेक्टर आफिस पहुंच आन्या ने ये राशि कोरोना वायरस से बचाव के लिये दान की। साथ ही उसने मास्क लगाने, साबुन और सैनेटाइजर से थोडे-थोडे समय में हाथ धोने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील भी की है। नन्हीं आन्या के इस जज्बे की कलेक्टर श्रीमती सुरभि गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री विपुल श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ श्री एसके मालवीय ने प्रशंसा की है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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