एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर खाद्य अधिकारी ने दुकानदार से ली 50 हजार रुपये की रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

सीएम डॉ मोहन यादव एक निर्देश हैं कि रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की नीति के तहत एक्शन लेना है, रिश्वत लेने वाला कोई भी हो तत्काल कार्रवाई की जाये ।
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मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है लोकायुक्त पुलिस उन्हें रंगे हाथ पकड़ रही है बावजूद इसके भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी घूसखोरी की आदत नहीं छोड़ रहे, इसी क्रम में इंदौर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने एक खाद्य अधिकारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है।

इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक आलीराजपुर जिले के ग्राम बरझर (शामलाकुण्ड) तहसील चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाभरा) के रहने वाले किसान कमलेश संगाडिया ने एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

आवेदन में किसान कमलेश संगाडिया ने कहा कि उसकी पत्नी कमिला संगाडिया, ग्राम शामलाकुण्ड, तहसील चन्द्रशेखर आजाद नगर जिला आलीराजपुर में शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित करती है। 20 अगस्त को कनिष्ठ जिला आपूर्ति अधिकारी रामा अवास्या दुकान पर आये और अनियमितता की बात कर पंचनामा बनाया और एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर 5,00,000/- रुपये रिश्वत की मांग की।

रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि, एक्शन में लोकायुक्त पुलिस 

रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिलने के बाद उसकी सत्यता की जाँच की गई तो उसमें कार्यालय जिला आपूर्ति अधिकारी (खाद्य विभाग) कलेक्ट्रेट परिसर, आलीराजपुर में पदस्थ कनिष्ठ जिला आपूर्ति अधिकारी रामा अवास्या द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई।

रिश्वत लेते ही रंगे हाथ दबोचा  

इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक ट्रैप दल गठित किया गया और आज दिनांक 24 सितम्बर बुधवार को लोकायुक्त की टीम ने कनिष्ठ जिला आपूर्ति अधिकारी रामा अवास्या को आवेदक से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया, आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही कर जाँच शुरू कर दी है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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