कोरोना ड्यूटी निभाते हुए दिवंगत पुलिस उप निरीक्षक के परिवार को 24 घंटे के भीतर बीमा राशि स्वीकृत

कोरोना ड्यूटी निभाते हुए दिवंगत पुलिस उप निरीक्षक के परिवार को 24 घंटे के भीतर बीमा राशि स्वीकृत

अलीराजपुर/यतेंद्रसिंह सोलंकी

मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के तहत पुलिस उप निरीक्षक दिवंगत शेर सिंह डोरिया के परिवार को 24 घंटे के भीतर बीमा राशि स्वीकृत की गई। पुलिस अधीक्षक विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 कोरोना वायरस के विश्वव्यापी संक्रमण से लड़ने के लिए भारत सहित दुनिया के कई देश जूझ रहे हैं तथा इस महामारी के संक्रमण से बहुत बड़े स्तर पर जनहानि भी हुई है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने हेतु अलीराजपुर पुलिस प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी भी अपने कर्तव्य परायणता का परिचय देते हुए दिन रात ड्यूटी कर अपना योगदान दे रहे हैं। दिनांक 12 व 13 मई थाना सोंडवा में तैनात उप निरीक्षक शेर सिंह डोरिया को कोराना संक्रमण की महामारी को दृष्टिगत रखते हुए रात्रि ड्यूटी लगाई गई थी। उसी दौरान उप निरीक्षक का अपने कर्तव्य के दौरान एक्सीडेंट होने से मृत्यु हो गई थी।

जिला दंडाधिकारी अलीराजपुर सुरभि गुप्ता, पुलिस अधीक्षक विपुल श्रीवास्तव के द्वारा पहल कर दिवंगत शासकीय सेवक के परिवार के प्रति सहानुभूति पूर्वक एवं मानवीयता का परिचय देते हुए 24 घंटे के भीतर ही मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के तहत आदेश जारी किया गया। आदेश में दिवंगत की पत्नी के खाते में 50 लाख रुपए की राशि जमा कराई गई है संकट की इस घड़ी में प्रशासन एवं पुलिस विभाग दिवंगत के परिजनों के साथ होकर उनकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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