Social work: व्यापारी ने कोरोना योद्धाओं के लिए दिया 15 पीपीई किट्स, पुलीस विभाग ने जताया आभार

Social work: व्यापारी ने कोरोना योद्धाओं के लिए दिया 15 पीपीई किट्स, पुलीस विभाग ने जताया आभार

अलीराजपुर।यतेंद्रसिंह सोलंकी।

कोरोना वायरस के चलते देशभर में लंबे समय से लाॅकडाउन है। वहीं अलीराजपुर जिला भी 3 मरीजो की चपेट में आ गया था। तब से जिला प्रशासन सर्तक है ओर हर गली मोहल्ला में पुलिस प्रशासन सतत अपना दायित्व पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है। वही आसपास के बॉर्डर पर भी पुलिस ओर प्रशासन के द्वारा अन्य प्रदेशों से आ रहे मजदूरों को उनके घर तक पहचाना ऐसे मुस्तेदी से कार्य कर रही है।

यह देखते हुए जिले के एक व्यापारियों ने 15 पीपीई किट्स पुलीस विभाग को दिए है और एक बेहतरीन कार्य किया है।  उनका कहना है की पुलिस हमारी सुरक्षा कर रही है लेकिन उनकी सहायता ओर सुरक्षा कैसे होगी अगर उनको भी बचाव के लिए किसी प्रकार के संसाधन मिलना चाहिये। ताकि वह अच्छे से अपने को बचा सके और सुरक्षित रख सके ओर अपने कर्तव्यों का पालन कर सके इसलिए हमने सोचा कि इनकी सुरक्षा भी बहुत जरूरी है अभी हम लोग 15 पीपीई किट अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बिट्टू सहगल जी को सुपुर्द किये है और किट भी बुलवाए गए है। जो यह किट हमारे द्वारा निशुल्क पुलिस विभाग को दिए गए है। इस प्रकार के जिले में सामाजिक कार्य जैसे भोजन सामग्री देना पर इस तरह के कार्य इनके द्वारा पहली बार पीपी किट दिए जाना जो कि जिले में प्रशंसनीय कार्य है पुलिस विभाग ने उनका आभार माना है ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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