
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर बीती रात एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार अनियंत्रित होकर सीधे करीब 25 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरी।
दरअसल इस लग्जरी कार में पति-पत्नी और उनके दो छोटे बच्चे सवार थे जो मुंबई से अपने घर लखनऊ जा रहे थे। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में सभी की जान बच गई, लेकिन गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
नींद की झपकी आने से हुआ हादसा
यह भीषण सड़क हादसा रतलाम शहर के डीडी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पलसोड़ी के पास रात करीब साढ़े तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि धामनोद टोल से दो-तीन किलोमीटर आगे यह गाड़ी हादसे का शिकार हो गई।
आशंका जताई जा रही है कि कार चला रहे दीपरंजन पांडे को अचानक नींद की झपकी आ गई थी, जिसकी वजह से गाड़ी सड़क के बीच बनी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद कार के अंदर बैठे परिवार में चीख-पुकार मच गई।
कार सवार परिवार ने दिखाई हिम्मत
हादसा होने के बाद कार चला रहे दीपरंजन पांडे ने अपनी घबराहट पर काबू पाया और पूरी हिम्मत दिखाई। उन्होंने कार के अंदर फंसे होने के बावजूद दरवाजे पर जोर से लात मारकर उसे खोला। दरवाजा खुलने के बाद वे खुद बाहर निकले और फिर अपनी पत्नी रंजना पांडे और दोनों बच्चों आयशा व आवेश को भी सुरक्षित बाहर निकाला। इसके तुरंत बाद उन्होंने फोन से डायल 112 पर पुलिस को इस बड़े हादसे की पूरी सूचना दी।
अंधेरे की वजह से घटनास्थल तलाशने में जुटी पुलिस
रात का समय होने और चारों तरफ अंधेरा छाया होने के कारण पुलिस टीम को मौके तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने आसपास के पूरे इलाके में काफी खोजबीन की। जब पुलिस को सही जगह नहीं मिल पाई, तो उन्होंने कार में सवार लोगों से फोन पर वॉट्सएप लाइव लोकेशन मंगवाई। लोकेशन मिलते ही पुलिसकर्मी तुरंत उस जगह पर पहुंच गए, जहां गाड़ी नीचे गिरी थी।
खाई में उतरने का नहीं था रास्ता
घटनास्थल पर खाई में उतरने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सड़क से करीब 25 फीट नीचे खाई में उतरकर मदद पहुंचाई। डीडी नगर थाने के चीता-3 के सिपाही सुनील डाबर, डायल 112 के सिपाही आर्यन रघुवंशी और पायलट नईम खान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने नीचे उतरकर घायलों को संभाला और फौरन एंबुलेंस बुलाई।
चारों घायलों को मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती
एनएचएआई की एंबुलेंस की मदद से परिवार के सभी सदस्यों को तुरंत रतलाम के मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस दर्दनाक हादसे में मां रंजना और उनके बेटे आवेश को हल्की चोटें आई हैं जबकि पिता दीपरंजन और बेटी आयशा बिल्कुल सुरक्षित हैं। गनीमत यह रही कि समय पर मदद मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया।

