
PM Modi inaugurated ‘India Renewable Energy Summit and Expo’ in Delhi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो’ का उद्घाटन किया, उन्होंने कहा इस बार की यह समिट विशेष है, क्योंकि यह विशेष परिस्थितियों में हो रही है। हम देख रहे हैं कि इस वर्ष दुनिया में एनर्जी शॉक की ही चर्चा हो रही है। नवीकरणीय ऊर्जा का हमारी जिंदगी और विकास यात्रा में क्या महत्व है, यह इस वर्ष और अधिक स्पष्ट हुआ है। यह भी सुखद संयोग है कि इस समिट के दौरान इंटरनेशनल सोलर अलायंस की 9वीं असेंबली भी आयोजित हो रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा पिछले कुछ वर्षों में, वैश्विक अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व संकटों का सामना करना पड़ा है। कोरोना महामारी से लेकर वेस्ट एशिया संकट तक, दुनिया ने कई बड़े संकटों का सामना किया है। वेस्ट एशिया का संकट अभी भी जारी है। लेकिन 140 करोड़ भारतीयों को इस बात पर गर्व है कि हमने अब तक इस संकट को बेहतर तरीके से संभाला है और इसके बावजूद भारत की विकास दर ऊंची बनी हुई है। अगर भारत ने क्लीन एनर्जी में निवेश नहीं किया होता और पिछले एक दशक में इसके लिए नई व्यवस्थाएं विकसित नहीं की होतीं, तो हमारा संकट बाकी दुनिया की तुलना में कहीं अधिक गंभीर हो सकता था।
हम अपना वादा पूरा करने के लिए दृढ संकल्पित
पिछले 12 वर्षों में, अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की यात्रा वादों, जुनून और प्रदर्शन से भरी रही है। COP26 में हमारी प्रतिबद्धता इसका प्रमाण है। 2021 के शिखर सम्मेलन में, भारत ने 2030 तक 500 GW की गैर-जीवाश्म ईंधन (non-fossil fuel) ऊर्जा क्षमता हासिल करने का संकल्प लिया था। हमने एक वादा किया था, और हम उसे पूरा करने के लिए दृढ़ हैं।
पेरिस समझौते के तहत, भारत ने अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50% हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करने का भी वादा किया था। हमने इस लक्ष्य को तय समय से पांच साल पहले, 2025 में ही हासिल कर लिया। आज, भारत की स्थापित बिजली क्षमता का 50% से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आता है।
भारत के इनोवेशन, अनुभव का लाभ पूरी मानवता को मिले
मोदी ने कहा भारत के इनोवेशन, भारत के अनुभव का लाभ पूरी मानवता को मिले। ग्रीन एनर्जी को लेकर भी हमारी भावना यही है। इस क्षेत्र में भारत की जो सफलताएं हैं वो दुनिया के अनेक देशों को काम आएगी। हमने फरवरी 2024 में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की, इसके तहत एक करोड़ घरों में रूफ टॉप सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। बीते 24-25 महीनों में ही 65 लाख से ज्यादा घर इस अभियान से जुड़ चुके हैं। Energy Security का future Clean Energy में है।
पीएम ने कहा देश भर के किसान PM-KUSUM योजना का भी लाभ उठा रहे हैं। इस पहल के ज़रिए, 30 लाख से ज़्यादा किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। अनुमान है कि सौर पंपों का इस्तेमाल करके हर किसान सालाना लगभग ₹1 लाख की बचत कर सकता है।
अन्नदाता ऊर्जादाता बने, यही मेरा विजन
प्रधानमंत्री ने कहा मेरा विजन है- अन्नदाता ऊर्जादाता बने। खाली जमीन पर किसान सोलर पैनल लगाएं, हमें ये ज्यादा से ज्यादा गांवों में सुनिश्चित करना होगा। सौर क्रांति का ये नया दौर केवल एडोप्शन का नहीं है, ये इनोवेशन पर भी निर्भर है। इसलिए मैं अपने स्टार्टअप्स से, IIT, इनोवेटर्स और इंटरप्रेन्योर्स से विशेष आग्रह करुंगा किआप आगे आएं आप ऐसे मॉडल बनाएं, जहां एक परिवार की ज्यादा से ज्यादा जरूरतें सोलर पॉवर से पूरी हों।
मेरा विजन है- अन्नदाता ऊर्जादाता बने।
खाली जमीन पर किसान सोलर पैनल लगाएं, हमें ये ज्यादा से ज्यादा गांवों में सुनिश्चित करना होगा।
सौर क्रांति का ये नया दौर केवल adoption का नहीं है…ये innovation पर भी निर्भर है।
इसलिए मैं अपने Startups से, IITs, innovators और Entrepreneurs…
— BJP (@BJP4India) November 2, 2026
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

