नर्मदा जयंती पर सीएम मोहन यादव ने अमरकंटक में किया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण

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Narmada Jayanti 2024 : सीएम मोहन यादव ने आज नर्मदा जयंती के अवसर पर अमरकंटक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसी के साथ उन्होने माँ नर्मदा पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। उन्होने कहा कि ‘जीवनदायिनी मैया नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में समृद्धि बनी रहे, दिव्य जल से जीवन धन्य रहे एवं मैया के स्नेह का प्रवाह इस धरा को पल्लवित करता रहे, यही प्रार्थना है।’

सीएम ने नर्मदा जयंती पर दी सौगात

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आज नर्मदा जयंती के पुण्य अवसर पर मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जीवनदायिनी मैया नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में समृद्धि बनी रहे, दिव्य जल से जीवन धन्य रहे एवं मैया के स्नेह का प्रवाह इस धरा को पल्लवित करता रहे, यही प्रार्थना है। हमारी संस्कृति हमारा गौरव है साथ ही प्रकृति के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। माँ नर्मदा को स्वच्छ बनाने के लिए हम सदैव अभिनव प्रयास करते रहे हैं।  इसी क्रम में आज नर्मदा जयंती के पुण्य अवसर पर माँ नर्मदा के आशीर्वाद से अमरकंटक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। नर्मदा जयंती के अवसर पर आज मैंने अमरकंटक में मैया के दर्शन किए एवं यहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण भी किया। इस पवित्र कार्य से नर्मदा नदी स्वच्छ बनी रहेगी। मां नर्मदा की कृपा सदैव प्रदेशवासियों पर बनी रहे, मैया के चरणों में यही प्रार्थना है।’

पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है नर्मदा नदी

बता दें कि नर्मदा जयंती पर प्रदेश भर में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विशेषकर मां नर्मदा के घाटों पर बहुत ही धूमधाम रहती है। लोग विशेष पूजा अर्चना करते हैं..नर्मदा आरती होती है और इस पवित्र नदी में डुबकी लगाकर सद्कर्मों का आशीष मांगा जाता है। अमरकंटक से निकली नर्मदा नदी की एक बड़ी विशेषता ये है कि ये पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है। भारत में नर्मदा और ताप्ती ही ऐसी दो नदिया हैं जो पूर्व से पश्चिम की ओर बहती हैं। बाकी सभी अन्य प्रमुख नदियां पश्चिम से पूर्व की तरफ बहती हैं। पूर्व से पश्चिम दिशा में बहने के कारण नर्मदा नदी अन्य नदियों की तरह बंगाल की खाड़ी में ना मिलते हुए नर्मदा अरब सागर में जाकर मिलती है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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