मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान मद के लिए 08 लाख 35 हजार रूपये की राशि स्‍वीकृत

मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान मद के लिए 08 लाख 35 हजार रूपये की राशि स्‍वीकृत

अशोकनगर | अलीम डायर. कलेक्‍टर डॉ.मंजू शर्मा द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2019-20 में जिले के जरूरतमंद व्‍यक्तियों को उपचार हेतु मुख्‍यमंत्री स्‍वेच्‍छानुदान मद से 08 लाख 35 हजार रूपये की राशि स्‍वीकृत की गई है। जारी आदेशानुसार अशोकनगर निवासी बेवी आफ रंजना नामदेव को 45 हजार रूपये,अशोकनगर निवासी आशुतोष को 50 हजार रूपये,ग्राम अरोली निवासी कलेक्‍टर सिंह अहिरवार को 35 हजार रूपये,अशोकनगर निवासी किरनबाई को 15 हजार रूपये,अशोकनगर निवासी यासीन खांन को 40 हजार रूपये,ग्राम पिपरई निवासी सुनील कुमार सोनी को 50 हजार रूपये,ग्राम कुकरेठा निवासी देवेन्‍द्र रघुवंशी को 30 हजार रूपये,ग्राम धमना निवासी दीपा रघुवंशी को 50 हजार रूपये,ग्राम हिनौतिया पछार निवासी सिरनाम सिंह को 40 हजार रूपये,ग्राम पिपरई निवासी फरीदा बी को 50 हजार रूपये,ग्राम धौरा निवासी राजकुमारी यादव को 50 हजार रूपये,ग्राम हंसनगर निवासी मनदीप कौर को 30 हजार रूपये,ग्राम धुरी निवासी गुड्डी बाई को 50 हजार रूपये,मुंगावली निवासी संजीव कुमार जैन को 50 हजार रूपये,ग्राम जारोली धुवयाई निवासी देवेन्‍द्र सिंह को 15 हजार रूपये,अशोकनगर निवासी भगवत सिंह लोधी को 80 हजार रूपये,पिपरई निवासी रूबी यादव को 20 हजार रूपये,ग्राम खजुरिया खुर्द निवासी मथुरा बाई यादव को 50 हजार रूपये,ग्राम चमराई निवासी सुरेन्‍द्र सिंह यादव को 35 हजार रूपये तथा ग्राम कर्र निवासी सहादत खांन को 50 हजार रूपये की राशि स्‍वीकृत की गई है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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