अंडर ब्रिज में पानी भरने से आधा दर्जन गांव मुसीबत में,आवागमन बाधित

अंडर ब्रिज में पानी भरने से आधा दर्जन गांव मुसीबत में,आवागमन बाधित

अशोकनगर/हितेंद्र बुधौलिया

बारिश शुरू होते ही जगह जगह पानी भरने की समस्या शुरू हो गई है। अशोकनगर में  रेलवे द्वारा फाटक बंद करके कई स्थानों पर अंडर ब्रिज बनाये गए हैं। लेकिन लोगों की सहूलियत के लिये बनाई गई ये पुलिया अब मुसीबत का सबब बन गई हैं। अधिकाशं पुलिया में पानी की सही निकासी ना पाने के कारण वहां पानी भर गया है और वहां छोटे तालाब जैसी स्थिति बन गई है।

पहाड़ा गांव के पास बनी इस पुलिया में भरे पानी के कारण लोगो को आने जाने की लिये ट्यूब और बांस से बनाई फटके का सहारा लेना पड़ रहा है। हालत ये है कि अगर किसी वाहन को गुजरना होता है तो इस नाव जैसे फटके पर वाहन रखकर और व्यक्तियों की मदद से पार करना पड़ रहा है। पहाड़ा शाडौरा तहसील से 6 किलोमीटर दूर है और यहां के रेलवे फाटक को बंद करके आवागमन के लिये बनाये गये रेलवे के अंडर ब्रिज में पानी भरने से करीब आधा दर्जन गांवों के लिये मुसीबत बन गया है। इस पुलिया में करीब 4 फीट तक पानी भर गया है। साल भर पहले बने इस अंडर पास में बीते साल भी पानी भरा था तब इसका काम चल रहा था इसलिये ठेकेदार ने पानी का पम्प लगा कर किसी तरह आवाजाही बनाये रखी थी। मगर अब यह काम पूरा हो चुका है और रेलवे से स्थानीय लोग कइ बार कहे चुके है मगर कोई हल नही निकाला गया है। पहाड़ा गांव भाजपा के जिलाध्यक्ष उमेश रघुवंशी ससुराल है। उनसे भी लोगो ने इस समस्या को लेकर बात की है। उनका कहना है कि रेलवे के अधिकारियो से इस मुद्दे पर बात करेंगे। इस के अलावा स्थानीय लोग कई दूसरे नेताओं से भी अपनी समस्या बता चुके है लेकिन अब तक आश्वासन के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ है।

पहाड़ा गांव की रेलवे पुलिया में पानी भरने के कारण सहित गता, मढ़ी, सिलावन, चरौदा, झागर आदि गांवों के लोगो का संपर्क पूरी तरह कट गया है। गांव वालों ने समस्या का निदान ना हो पाने पर यहां आवागमन के लिये ट्यूब की अस्थाई नाव बना कर आवागमन शुरू किया है। इसी ट्यूब पर रख कर लोग अपनी मोटर साइकिल भी निकाल रहे है लेकिन यह काफी जोखिम भरा काम है। साल भर पहले भी यहां पानी भरा था तब यहा के हाई स्कूल में आने वाले करीब दर्जन भर गाँव के विद्यार्थियों का स्कूल जाना बंद हो गया था। रेलवे ने इस पुलिया से पानी निकालने के लिये थोड़ी दूरी पर एक कुआं भी खोदा है मगर उससे भी समस्या का हल नहीं निकल पाया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews