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23 सितंबर को बुध करेंगे गोचर, जाग उठेगा इन 3 राशियों का सोया हुआ भाग्य, सफलता चूमेगी कदम, बरसेगा पैसा 

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सोमवार को ग्रहों के राजकुमार बुध राशि परिवर्तन करेंगे। आइए जानें किन-किन लोगों को इस गोचर से सबसे ज्यादा लाभ होगा?
23 सितंबर को बुध करेंगे गोचर, जाग उठेगा इन 3 राशियों का सोया हुआ भाग्य, सफलता चूमेगी कदम, बरसेगा पैसा 

Budh Gochar 2024: बुध सभी ग्रहों के राजा हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह ग्रह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। 23 सितंबर सोमवार को बुध में अपनी उच्च राशि कन्या में गोचर करने जा रहे हैं। इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा।

कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होने से जातक को कार्य और कारोबार में सफलता मिलती है। जातक को संवाद और संचार के क्षेत्र में भाग्य का साथ मिलता है। सफलता के प्रबल योग बनते हैं। आइए जानें कन्या राशि में बुध गोचर से किन-किन लोगों को फायदा होगा-

कन्या राशि (Virgo)

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर शुभ रहेगा। कारोबार  में लाभ होगा। बिजनेस का विस्तार होगा। सेहत भी दुरुस्त रहेगी। करियर में भी फायदा होगा। कार्य क्षेत्र में प्रमोशन मिल सकता है आर्थिक पक्ष भी मजबूत रहेगा।

मकर राशि (Capricorn)

बुध का यह गोचर मकर राशि के जातकों के लिए सफलता के द्वार खोलने वाला है। जातक समय और अपने टैलेंट का सही इस्तेमाल करें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों ही बेहतर रहेगी। शिक्षकों और  परिवार का सहयोग मिलेगा। लंबी यात्रा के योग बन रहे हैं।

वृषभ राशि (Taurus)

वृषभ राशि के जातकों के लिए भी यह समय शुभ रहेगा। लेखन और  पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। रिलेशनशिप के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्य क्षेत्र में अपने काम की प्रशंसा हो सकती है। पदोन्नति के योग बन रहे हैं।

(Disclaimer: इन आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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