Budhaditya Rajyog In Sagittarius: ज्योतिष में बुध को ग्रहों का राजकुमार और सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। बुध संचार, बुद्धि, तर्कशास्त्र, गणित और व्यापार के कारक माने जाते है जबकी सूर्य आत्मा व पिता के कारक होते है। बुध मिथुन व कन्या राशि के स्वामी तो सिंह सूर्य की स्वामी राशि है। वर्तमान में सूर्य वृश्चिक और बुध तुला राशि में विराजमान है। 16 दिसंबर को सूर्य और 29 दिसंबर को बुध ग्रह देव गुरू बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करेंगे जिससे धनु राशि में बुध व सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग बनेगा।यह 13 जनवरी तक बना रहेगा क्योंकि 14 जनवरी को सूर्य मकर में गोचर करेंगे। हालांकि 17 जनवरी को बुध भी मकर राशि में आ जाएंगे, जिससे मकर राशि में फिर बुध सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग बनेगा।
दिसंबर में धनु राशि में बनेगा बुधादित्य राजयोग, 3 राशियों के लिए लकी
मीन राशि पर प्रभाव: नए साल से पहले बुध और सूर्य देव का संयोग और बुधादित्य राजयोग का बनना जातकों के लिए बेहद लकी साबित हो सकता है। जनवरी से अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। पद पैसा और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।करियर और कारोबार में सफलता हासिल कर सकते है। नौकरीपेशा को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।आर्थिक मामलों में सफल होंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
कन्या राशि का प्रभाव: बुध सूर्य की युति और बुधादित्य राजयोग जातकों के लिए लकी साबित हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा।भौतिक सुख- सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है।इस अवधि में प्रापर्टी और वाहन खरीद सकते हैं।रियल स्टेट, होटल और मेडिकल के व्यापार से जुड़े वाले कारोबारियों को लाभ मिल सकता है। माता और ससुराल वालों के साथ संबंध मजबूत होंगे।
सिंह राशि पर प्रभाव: सूर्य बुध का संयोग और बुधादित्य राजयोग जातकों के लिए अनुकूल साबित हो सकता है। परिवार का पूरा साथ मिलेगा। लंबे समय से अधूरे और अटके पड़े प्रोजेक्ट शुरू कर सकते है। संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। छात्रों को पढ़ाई के लिए विदेश जाने का मौका मिल सकता है। प्रेम- संबंध में सफलता मिल सकती है। आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
कब बनता है बुधादित्य राजयोग
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आदित्य का मतलब सूर्य से होता है इस तरह से जब कुंडली में सूर्य और बुध दोनों ग्रह एक साथ मौजूद हों तो बुधादित्य राजयोग बनता है।बुधादित्य योग कुंडली के जिस भाव में मौजूद रहता है उसे वह मजबूत बना देते है। कुंडली में बुध और सूर्य के एक साथ होने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है।उसे धन, सुख-सुविधा, वैभव और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।
(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)






