मार्च अंत देव गुरु बृहस्पति और मन के कारक चंद्रमा मिलकर मिथुन राशि (बुध की राशि) में गजकेसरी राजयोग बनाने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वर्तमान में चंद्रमा धनु राशि में विराजमान है। 26 मार्च 2026 को चन्द्रमा मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जहां पहले से ही ज्ञान, भाग्य और संतान के कारक माने जाने वाले गुरु विराजमान रहेंगे, ऐसे में मिथुन राशि में गुरु व चन्द्रमा के साथ आने से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में इस राजयोग को लाभकारी और बेहद शुभ माना गया है। वैसे तो इस राजयोग का सभी राशियों पर अलग अलग प्रभाव देखने को मिलेगा लेकिन इसके बनने से 3 राशियों के लिए शुभकारी और फलदायी साबित हो सकता है ।आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में…

मिथुन राशि पर कैसा रहेगा प्रभाव

  • नया व्यवसाय शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा।
  • जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है।
  • आर्थिक रुप से मजबूत हो सकते हैं।
  • आय में वृद्धि के साथ आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
  • पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है।
  • नौकरीपेशा को नए अवसर मिल सकते हैं। पदोन्नति या वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है।
  • समाज में मान- सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति हो सकती है।

कन्या राशि पर कैसा रहेगा असर

  • घर-परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिल सकता है।
  • गजकेसरी राजयोग से जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
  • आर्थिक स्थिति मजबूत होने के प्रबल योग हैं।
  • लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।
  • भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है।
  • करियर में नए अवसर मिल सकते हैं।
  • नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और इंक्रीमेंट मिलने की संभावना है।

सिंह राशि पर कैसा होगा प्रभाव

  • इस अवधि में मनोकामना पूरी होने के प्रबल संकेत है।
  • आय, साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है।
  • आकस्मिक धनलाभ के प्रबल योग हैं।
  • पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
  • छात्रों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। उच्च शिक्षा पाने का सपना पूरा हो सकता है
  • वैवाहिक जीवन में चली आ रही समस्याएं समाप्त हो सकती है।

कब बनता है गजकेसरी राजयोग

ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी राजयोग को बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है। जब चन्द्रमा और बृहस्पति एक ही राशि में हों या एक-दूसरे से केंद्र भाव में स्थित हों, तो गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है।अगर किसी जातक की कुंडली के लग्न, चौथे और दसवें भाव में गुरु-चन्द्र साथ हो तो इस राजयोग का निर्माण होता है। यदि चन्द्र या गुरु में से कोई भी एक दूसरे के साथ उच्च राशि में हों तो भी गजकेसरी राजयोग बनता है। इस राजयोग के बनने से जातक को धन, सम्मान, तरक्की, जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता मिलती है।

(डिसक्लेमर : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP Breaking News किसी भी ज्योतिषीय दावे या भविष्यवाणी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)