ज्योतिष में ग्रहों, नक्षत्रों, कुंडली और राशियों का बड़ा महत्व होता है। हर ग्रह एक निश्चित समय अंतराल के बाद राशि परिवर्तित करता है जिससे शुभ योग या राजयोग का निर्माण होता है। इसी क्रम में 6 फरवरी 2026 को दैत्यों के गुरु शुक्र और ग्रहों के राजकुमार बुध मिलकर लक्ष्मी नारायण राजयोग बनाने वाले हैं। यह राजयोग कुंभ राशि (शनि की राशि) में दोनों ग्रहों की युति (दृकपंचांग के अनुसार) से बनेगा।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, वर्तमान में संचार, बुद्धि व व्यापार के कारक माने जाने वाले बुध मकर राशि में विराजमान हैं। 3 फरवरी को वे कुंभ राशि में गोचर करेंगे। 6 फरवरी को सौन्दर्य, सुख और वैभव के कारक कहे जाने वाले शुक्र भी मकर से कुंभ राशि में गोचर करेंगे, ऐसे में कुंभ राशि में दोनों ग्रहों के साथ रहने से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होगा। इस राजयोग से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है। वैसे तो इस राजयोग का सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा लेकिन 3 राशियों को विशेष फल की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में…
मिथुन राशि पर प्रभाव:
- परिवार के साथ भाग्य का साथ मिलने के प्रबल योग हैं।
- इस अवधि में देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं।
- धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
- समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होने की संभावना है।
- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समय अनुकूल रहने वाला है।
- वैवाहिक जीवन शानदार रहने वाला है।
- व्यापार में नए अवसर के साथ अच्छा मुनाफा मिलने के संकेत हैं।
मकर राशि पर प्रभाव
- आर्थिक स्थिति में मजबूती के प्रबल योग हैं।
- आय में वृद्धि के साथ-साथ नए-नए स्त्रोत खुलने की प्रबल संभावना है।
- समाज में मान-सम्मान बढ़ने के योग हैं।
- किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं।
- मानसिक तनाव में कमी आएगी ।
- परिवार व भाग्य का भरपूर सहयोग मिलेगा।
- नौकरीपेशा के लिए परिस्थितियां अनुकूल रह सकती हैं।
वृश्चिक राशि पर प्रभाव
- भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी देखने को सकती है।
- समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं।
- इस अवधि में वाहन या संपत्ति खरीदने के लिए परिस्थितियां अनुकूल रह सकती हैं।
- पैतृक संपत्ति का लाभ मिल सकता है।
- नौकरीपेशा लोगों को नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं।
- लंबे समय से रुके हुए कार्यों को गति मिल सकती है।
क्या होता है लक्ष्मी नारायण राजयोग
वैदिक ज्योतिष में लक्ष्मी नारायण राजयोग को सबसे शुभ योगों में से एक माना जाता है। जब किसी जातक की जन्म कुंडली के किसी एक ही भाव में बुध और शुक्र एक साथ स्थित होते हैं, तो लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होता है। इस राजयोग से जातकों के जीवन में धन के साथ मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि जिसकी कुंडली में यह राजयोग बनता है उस पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा बरसती है, वहां धन धान्य के प्रबल योग बनते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)





