हर ग्रह एक निश्चित समय अंतराल के बाद राशि परिवर्तित करता है जिससे शुभ योग या राजयोग का निर्माण होता है। इसी क्रम में 17 जनवरी 2026 को दैत्यों के गुरु शुक्र और ग्रहों के राजकुमार बुध मिलकर लक्ष्मी नारायण राजयोग बनाने वाले हैं। यह राजयोग मकर राशि (शनि की राशि) में दोनों ग्रहों की युति (दृकपंचांग के अनुसार) से बनेगा।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, वर्तमान में संचार, बुद्धि और व्यापार के कारक माने जाने वाले बुध धनु राशि (गुरु की राशि) में विराजमान हैं। वे 17 जनवरी को मकर राशि में गोचर करेंगे। जहां सौन्दर्य, सुख और वैभव के कारक कहे जाने वाले शुक्र पहले से ही विराजमान है, ऐसे में मकर राशि में दोनों ग्रहों के साथ रहने से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होगा। इस राजयोग से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है। वैसे तो इस राजयोग का सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा लेकिन 3 राशियों को विशेष फल की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में…
तुला राशि पर प्रभाव:
- भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है।
- घर या प्लाट खरीदने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी।
- पैतृक संपत्ति का लाभ मिल सकता है।
- इस अवधि में यात्राएं कर सकते हैं।
- परिवार के साथ किस्मत का साथ मिल सकता है।
- नौकरी में कई नए अवसर मिल सकते हैं।
- आय में वृद्धि होने की संभावना है।
मकर राशि पर प्रभाव
- साहस व आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
- शादीशुदा लोगों का वैवाहिक जीवन शानदार रहने के प्रबल योग हैं।
- साझेदारी में किए गए व्यापार से लाभ मिल सकता है।
- अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।
- नौकरीपेशा को पदोन्नति के साथ वेतनवृद्धि का लाभ मिल सकता है।
- करियर में कई अवसर मिल सकते हैं।
- स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल सकता है।
वृषभ राशि पर प्रभाव:
- जीवन के कई क्षेत्रों में अपार सफलता हासिल हो सकती है।
- नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति और वेतनवृद्धि का लाभ मिल सकता है।
- सेहत में सुधार देखने को मिल सकता है।
- आर्थिक स्थिति में मजबूती के प्रबल योग हैं।
- आय में वृद्धि के साथ-साथ नए-नए स्त्रोत खुलने की प्रबल संभावना है।
- पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है।
- इस अवधि में समय-समय पर आकस्मिक धन लाभ के योग बन सकते हैं।
क्या होता है लक्ष्मी नारायण राजयोग
वैदिक ज्योतिष में लक्ष्मी नारायण राजयोग को सबसे शुभ योगों में से एक माना जाता है। जब किसी जातक की जन्म कुंडली के किसी एक ही भाव में बुध और शुक्र एक साथ स्थित होते हैं, तो लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होता है। इस राजयोग से जातकों के जीवन में धन के साथ मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि जिसकी कुंडली में यह राजयोग बनता है उस पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा बरसती है, वहां धन धान्य के प्रबल योग बनते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)





