Navpancham Rajyog 2025 : ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों, कुंडली और नक्षत्र का बड़ा महत्व होता है।खास करके 9 ग्रहों में ग्रहों के न्याय व दंड के देवता शनि और ग्रहों के राजकुमार बुध की भूमिका बेहद मानी जाती है।बुध हर माह चाल बदलते है वही शनि को एक से दूसरी राशि में जाने के लिए 2.5 वर्ष का समय लगता है, ऐसे में एक ही राशि में दोबारा आने में शनि को करीब 30 साल लगते है।इसी क्रम में नए साल 2026 की शुरुआत में कर्मफल दाता शनि और बुद्धि व्यापार के दाता बुध नवपंचम राजयोग का निर्माण करेंगे, जो 3 राशियों के लिए लकी साबित होगा।वर्तमान में शनि मीन राशि में विराजमान है। आईए जानते है इन भाग्यशाली राशियों के बारें में……..

नवपंचम राजयोग का राशियों पर प्रभाव

मिथुन राशि पर प्रभाव:  नए साल 2026 में नवपंचम राजयोग का बनना जातकों के लिए फलदायी सिद्ध हो सकता है।करियर में तरक्की मिल सकती है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को सफलता मिल सकती है। पैतृक धन का लाभ मिल सकता है। परिवार में सुख और खुशहाली का माहौल रहेगा। अटके रूके कामों को गति मिलेगी।कारोबार में तरक्की के साथ नए अवसर मिल सकते है ।नौकरीपेशा को इंक्रीमेंट या प्रमोशन का तोहफा मिल सकता है।

मकर राशि पर प्रभाव: नवपंचम राजयोग का बनना जातकों के लिए लकी साबित हो सकता है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। आत्मविश्वास, साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। व्यापार में मुनाफे के साथ नए प्रोजेक्ट मिल सकते है। इस अवधि में कोई प्रापर्टी खरीद सकते हैं।लंबे समय से अटका और फंसा हुआ धन मिल सकता है। परिवार और जीवनसाथी का साथ मिलेगा।

कर्क राशि पर प्रभाव: नए साल 2026 नवपंचम राजयोग जातकों के लिए लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है।इस अवधि में कोई वाहन या प्रापर्टी खरीद सकते हैं।समाज में मान सम्मान बढ़ेगा। छात्रों का विदेश में जाकर पढ़ाई करने का सपना पूरा हो सकता है।लंबे समय से रुके और अटके काम पूरे हो सकते है।बड़े लोगों के साथ संबंध बनेंगे।धर्म- कर्म के कार्यों में रूचि बढ़ेगी।

ऐसे बनता है कुंडली में नवपंचम राजयोग

ज्योतिष के मुताबिक, नवपंचम राजयोग तब बनता है जब दो ग्रह एक दूसरे से त्रिकोण भाव में स्थित हो जाते हैं। दोनों ग्रहों के बीच 120 डिग्री का कोण बनता है तथा एक ही तत्व राशि होती है। जैसै मेष, सिंह, धनु को अग्नि राशि, वृषभ, कन्या, मकर को पृथ्वी राशि, मिथुन, तुला, कुंभ को वायु राशि और कर्क वृश्चिक मीन को जल राशि माना जाता है, ऐसे में जब एक ही तत्व वाली दो राशियों में 2 ग्रह पहुंचकर 120 डिग्री का कोण, जिसे नक्षत्र के द्वारा भी जान सकते हैं, तो नवपंचम राजयोग बनता है।

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)