Ratna Shastra: जानें किन लोगों के लिए लाभदायक है पन्ना, कैसे करें धारण

हर व्यक्ति के जीवन पर जिस तरह से ग्रह असर डालते हैं। उस तरह से रत्न भी असर करते हैं। चलिए आज हम आपको पन्ना रत्न के बारे में बताते हैं।
Ratna Shastra

Ratna Shastra: रत्न शास्त्र ज्योतिष के एक ऐसी शाखा है जिसमें 9 रत्नों का उल्लेख किया गया है। दिन नवरत्नों का संबंध नौ ग्रहों से बताया गया है जो व्यक्ति के जीवन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर कुंडली में ग्रहों की स्थिति कमजोर है या फिर किसी तरह की परेशानी आ रही है। तो इन रत्नों को धारण करने की सलाह दी जाती है।

अगर कोई भी रत्न धारण करना है या फिर ग्रहों की स्थिति मजबूत करना है तो सबसे पहले कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति को देखना बहुत जरूरी है। आज हम आपको पन्ना रत्न के बारे में बताते हैं जो काफी लाभदायक माना जाता है। चलिए जानते हैं कि यह किन लोगों के लिए शुभ होता है और इसे पहनने से कैसा असर पड़ता है।

कौन पहने पन्ना

पन्ना का संबंध बुध ग्रह से होता है। ऐसे में अगर कन्या और मिथुन राशि और लग्न के लोग इसे पहनते हैं तो उन्हें शुभ परिणाम मिलते हैं। जो लोग बुद्ध की महादशा या अंतर्दशा का सामना कर रहे हैं उनके लिए भी यह लाभकारी माना गया है। कन्या, तुला, मकर, मिथुन, वृषभ और कुंभ राशि वालों को ये अच्छे परिणाम देता है। कर्क, वृश्चिक और मेष राशि वालों को इस नहीं पहनना चाहिए।

होंगे ये लाभ

  • पन्ना धारण करने से बुध ग्रह को मजबूती मिलती है।
  • इसे पहनने से व्यक्ति को व्यापार और नौकरी में उन्नति मिलने लगती है।
  • जिन लोगों की आंखों की रोशनी कम है अगर वह इसे पहनते हैं तो उनकी आंखों की रोशनी बढ़ जाती है।
  • यह व्यक्ति की इमेजिनेशन पावर यानी सोचने की क्षमता को बढ़ाता है।
  • जो लोग कलाकार हैं, लिखते हैं या मीडिया के क्षेत्र में है उनके लिए यह काफी लाभकारी है।
  • इस रत्न को धारण करने से मां बेटे और पिता बेटे के रिश्ते को मजबूती मिलती है।
  • इसे धारण करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है और उसे धन संबंधी परेशानी नहीं होती।

कैसे करें धारण

  • नियमों के मुताबिक व्यक्ति को कम से कम दो रत्ती का पन्ना पहनना चाहिए। यह हमेशा सोने या चांदी में पहना जाता है।
  • अगर आपको पन्ना धारण करना है तो इस बुधवार के दिन हाथ की सबसे छोटी अंगुली यानी कि कनिष्ठा में धारण करें।
  • धारण करने से पहले इसे गंगाजल और गाय के कच्चे दूध में डालकर शुद्ध कर लें।
  • इसे पहनते समय बुध के मंत्रों का जाप करें। इस समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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