
उज्जैन के सबसे चर्चित होटलों में से एक श्रीगंगा में चैंबर की सफाई के दौरान हुई कर्मचारियों की मौत के मामले से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने देवास रोड स्थित इस होटल को सील कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम ने शहर के अन्य होटलों और रेस्टोरेंट में जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
नगर निगम के अधिकारी होटल और रेस्टोरेंट में सफाई व्यवस्था की जांच करने के साथ सुरक्षा के इंतजामों की पड़ताल भी कर रहे हैं। वहीं ये निर्देश भी दिए गए हैं कि अब होटल और रेस्टोरेंट संचालकों टैंक या चैंबर की सफाई करवानी है, तो पहले नगर निगम को सूचना देनी होगी। निगम की जानकारी के बिना सफाई नहीं करवाई जा सकेगी।
अधिकारियों ने की जांच
शहर में हुई इस घटना के बाद प्रशासन और नगर निगम का अमला सख्त नजर आ रहा है। वरिष्ठ अधिकारी जांच पड़ताल के अलग अलग जगह पहुंचे। सुरक्षा इंतजामों की जांच के दौरान अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल, सहायक आयुक्त रविकांत मरगदे मौजूद थे। निगम द्वारा अब शहर के अन्य होटलों को रेस्टोरेंट की ईस्ट जनरेटर इकाइयों का निरीक्षण किया जाएगा। साफा सफाई के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी संचालकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
यहां हुआ निरीक्षण
श्री गंगा में हुए हादसे के बाद निगम द्वारा अपना स्वीट्स, होटल आश्रय सहित फ्रीगंज क्षेत्र की चर्चित होटलों में जांच पड़ताल की। यहां की वेस्ट जनरेटर इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ये देखा गया कि टैंकों की सफाई कैसी है। उस पर ढक्कन किस तरह से लगाए गए है। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए होटल द्वारा क्या प्रबंध किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान जो कमी मिली उसे दूर करने के निर्देश दिए हैं। निगम द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर किसी भी प्रतिष्ठान में लापरवाही पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
होटल संचालकों को देंगे नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर मुकेश टटवाल द्वारा रविवार को निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि हर जोन और वॉर्ड में टीम को भेज कर होटल और रेस्टोरेंट की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जांच पड़ताल करें। वहीं संचालकों को नोटिस जारी करने को भी कहा गया है। सफाई मित्रों से भी अपील की गई है कि नगर निगम की जानकारी के बिना और जरूरी सुरक्षा इंतजारों के बगैर चैंबर यह टैंक में सफाई के लिए न उतरें।
क्या है मामला
बता देंगे उज्जैन के देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल में चेंबर की सफाई के लिए उतरे चार कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। दम घुटने से इनकी मौत हो गई और दो अन्य लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई थी। इन्हें बाहर निकालने की कोशिश में एक सब इंस्पेक्टर भी घायल हुए थे। इस घटना के बाद प्रशासन सख्त है और हर जगह जांच पड़ताल कर रहा है।
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