
दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह शहर में महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सोमवार दोपहर घंटाघर चौक पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने फुटपाथी दुकानदारों को हटाये जाने के विरोध में प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। इससे मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रही महिलाओं को समझाइश देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
बता दे कि महिलाओं ने नगर पालिका और यातायात पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुये महिलाओं ने दीपावली तक पुरानी जगह पर दुकानें लगाने की अनुमति देने की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि तहसील ग्राउंड में खरीदार नहीं पहुंचते, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
कलेक्टर के निर्देश पर तहसील ग्राउंड में निर्धारित की गई जगह
महिलाओं का कहना है कि वे सालों से घंटाघर से सत्कार लॉज तक सड़क के दोनों किनारे दुकानें लगातार परिवार का भरण-पोषण करती हैं। वहीं, त्योहार को देखते हुये शहर में यातायात एवं भीड़ पर नियंत्रण एवं सुरक्षा को देखते हुये हाल ही में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर नगर पालिका ने उनकी दुकानें हटवाकर तहसील ग्राउंड में जगह निर्धारित की है।
व्यापारी संघ के विरोध में भी नारेबाजी
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने व्यापारी संघ के विरोध में भी नारेबाजी की और दुकानें नहीं हटाने की बात कही। सूचना पर कोतवाली टीआई मनीष कुमार और यातायात थाना प्रभारी दलवीर सिंह मार्को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कलेक्टर के आदेश का हवाला देते हुए महिलाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। इसके बाद महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और घंटों तक जाम जैसी स्थिति बनी रही।
इतना ही नहीं, महिलाओं की पुलिसकर्मियों के साथ भी तू तू मैं मैं हो गई। जब स्थिति बढ़त दिखी तब महिला पुसिकर्मियों को बुलाया गया और महिलाओं को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान कुछ महिलाएं पुलिस अधिकारी के सामने दुकान लगाने को लेकर हाथ जोड़तीं नजर आईं।
घंटाघर पर दुकान लगाने को लेकर क्यों अड़ी हैं महिलाएं?
बता दें कि दमोह शहर का सबसे व्यस्त बाजार घंटाघर है। यहां बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन भी पास में स्थित हैं। जिसकी वजह से बाजार में भीड़ बनी रहती है। यहां प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। घंटाघर पर हर जरूरी सामान की दुकानें लगी हुई हैं जहां ग्राहकों को छोटी से छोटी चीज भी मिल जाती है। ऐसे में महिलाओं का मानना है कि अगर दुकानें घंटाघर से किसी अन्य स्थान पर लगाई गईं, तो वहां खरीदारी करने लोग नहीं आएंगे।
महिलाओं का कहना है कि तहसील ग्राउंड शहर के बीच में भले ही स्थित है लेकिन बाजार से दूर है। वहां यह जरूरी नहीं है कि हर खरीददार उनका सामान खरीदने पहुंचे। उनका व्यापार भी सीजन के समय ही होता है। ऐसे में अगर तहसील ग्राउंड पर खरीदारी करने ग्राहक नहीं पहुंचे, तो उन पर आर्थिक संकट आ जाएगा। इसीलिए महिलाएं घंटाघर चौक पर ही दुकानें लगाने की मांग पर अड़ी हैं।
7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.
