
बुध और शुक्र (Shukra) दोनों ही दोनों ही ग्रह व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को धन, संपत्ति, कला ,सौंदर्य इत्यादि का प्रतीक माना जाता है। वहीं बुध को बुद्धि, ज्ञान, करियर, कारोबार, सामाजिक जीवन इत्यादि का कारक माना जाता है। दोनों ही ग्रहों की युति अक्सर शुभ मानी जाती है। नवंबर में ग्रहों के राजकुमार और दैत्यों के गुरु का दुर्लभ संयोग का निर्माण करने जा रहे हैं। सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ेगा। कई लोगों को इस दौरान लाभ होगा। वहीं कुछ को हानि भी हो सकती है।
29 नवंबर को शुक्र की राशि तुला में युवराज बुध मार्गी (Budh Margi 2025) होंगे। इसके बाफ 6 दिसंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। कई राशियों के लिए बुध की यह चाल वरदान के समान होगी। सफलता के द्वार खुलेंगे। करियर और कारोबार में लाभ ही लाभ होगा। जीवन की कई परेशानियां दूर होगी। आइए जानें किन लोगों को भाग्य का साथ मिलने वाला है?
मिथुन राशि (Mithun Rashi)
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद ही लाभकारी सिद्ध होने वाला है। कोई भी नई चीज़ सीखने के लिए यह समय शुभ रहेगा। छात्रों को इस दौरान फायदा होगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। करियर में नए मौके मिल सकते हैं। इनकम में वृद्धि होगी। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। भाग्य आपका साथ देगा।
धनु राशि (Dhanu Rashi)
धनु राशि के जातकों पर बुध मेहरबान रहने वाले हैं। पुराने दोस्तों के साथ अच्छा समय व्यतीत करने का मौका मिलेगा। कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। पैसों से जुड़ी सारी समस्याएं दूर होगी। बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी। भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होगी। इस दौरान कोई अच्छी खबर मिलेगी। परिवार में सुख और शांति का माहौल बना रहेगा।
मकर राशि (Makar Rashi)
मकर राशि के जातकों के लिए भी समय शुभ रहेगा। भाई बहनों के साथ आपके संबंध अच्छे होंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कारोबार में मुनाफा होगा। निवेश के लिए भी यह समय शुभ रहेगा। कार्य क्षेत्र में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। इंक्रीमेंट या प्रमोशन के योग बन रहे हैं। पैतृक संपत्ति की प्राप्ति होगी। नया घर या भूमि खरीदने के लिए यह समय शुभ रहेगा। समाज में सम्मान बढ़ेगा।
ग्रहों का मार्गी मतलब?
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का मार्गी होना बेहद ही महत्वपूर्ण घटना है। इसका प्रभाव कुंडली पर भी पड़ता है। सभी ग्रह एक निश्चित समय के लिए वक्री होते हैं यानि उल्टी चाल चलते हैं। कुछ दिनों में फिर से सामान्य हो जाते हैं, इसी अवस्था को मार्गी कहा जाता है। बुध साल में करीब तीन से चार बार वक्री होते हैं। नवंबर में करीब 20 दिन तक उल्टी चाल चलने के बाद बुध शुक्र के घर में मार्गी होंगे।
(अस्वीकरण: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। यह ज्योतिष गणना, पंचांग, मान्यताओं समेत अन्य माध्यमों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग न्यूज इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता है। भविष्यवाणियों के आधार जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने की सलाह भी नहीं देता।)

