नाबालिग आदिवासी युवती के साथ दो युवकों ने किया दुष्कर्म,आरोपियों की तलाश जारी

नाबालिग आदिवासी युवती के साथ दो युवकों ने किया दुष्कर्म,आरोपियों की तलाश जारी

बालाघाट/सुनील कोरे

बालाघाट में एक आदिवासी नाबालिग का अपहरण कर दो युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर लांजी पुलिस ने कारंजा अंतर्गत बापड़ी निवासी लिमेश पांचे ओर भानूटोला निवासी संतोष घोरमारे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले लड़की अपने परिवार के साथ कामकाज के सिलसिले में हैदराबाद गई थी और वहीं आरोपी से उसकी पहचान हुई थी। हैदराबाद में हुई पहचान का फायदा उठाकर 12 मई को आरोपियों ने बहाने से नाबालिग को बुलाया और उसे अपने साथ मोटर सायकिल में बैठालकर बकरामुंडी के जंगल ले गये। वहां लिमेश पांचे और संतोष घोरमारे ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फरार हो गये। किसी तरह नाबालिग घर पहुंची और परिजनों को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद परिजनों के साथ 13 मई को लांजी पुलिस थाना पहुंची पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की। इसके बाद लांजी पुलिस ने नाबालिग आदिवासी लड़की का अपहरण कर जबरदस्ती बलात्कार करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया है और उनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ खिलाफ धारा 366ए, 376(2)एन, 376(डी), 506आईपीसी, 3(1)(डब्ल्यु)(1), 3(2)(वी), एसटी/एसटी एक्ट 5(ए)/6 पॉस्को एक्ट के तहत मामला कायम किया गया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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