बैतूल में आकर्षण का केंद्र बनी नीली और सुनहरी आंखों वाली सफ़ेद बिल्ली, इस परिवार ने रखा यह नाम

बैतूल में आकर्षण का केंद्र बनी नीली और सुनहरी आंखों वाली सफ़ेद बिल्ली, इस परिवार ने रखा यह नाम

बैतूल, वाजिद खान| मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) के बैतूल (Betul) में इन दिनों एक दुर्लभ प्रजाति की बिल्ली (Cat) कोतुहल का विषय बनी हुई है। लोग इस बिल्ली को देखने आ रहे हैं | सफेद रंग की इस बिल्ली की खासियत है, इसकी एक आंख नीली है और दूसरी आंख सुनहरे रंग की है । जिस घर में ये बिल्ली है वहाँ अब यह परिवार की सदस्य हो गई है ।

बैतूल के सारणी (Sarni) में अपनी गोदी में बिल्ली को किसी बच्चे की तरह खिला रहे ये है अनुभव सिंह । अनुभव सिंह दो माह पहले भोपाल से जब सारणी जा रहे थे तो किसी कार्य से जंगल के रास्ते में एक जगह रुके थे वहां उन्होंने देखा कि एक पेड़ पर बिल्ली बैठी हुई है और नीचे कुत्ते उसको घेरे हुए हैं बिल्ली की जान बचाने के लिए उन्होंने पहले कुत्तों को भगाया और उसके बाद इस बिल्ली को लेकर अपने घर आ गए ।

घर आने पर जब उन्होंने देखा यह बिल्ली कुछ अलग है सफेद रंग की बिल्ली की एक आंख नीले रंग की है और दूसरी आंख सुनहरे रंग की है । बिल्ली को देखकर परिवार के दूसरे लोग भी खुश हो गए और उन्होंने इस बिल्ली को पालने का निर्णय ले लिया अब बिल्ली इस परिवार की सदस्य बन गई है । परिवार वालों ने बिल्ली का नाम हेजल रख दिया है और प्यार से उसे हैजी बोलने लगे हैं । अनुभव ने जब इस अनोखी बिल्ली के बारे में इंटरनेट पर सर्च किया तो पता चला किया तो यह बेहद दुर्लभ है और भारत में इसके होने की कोई पुष्टि नहीं है । अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत डॉलर में आई जिसे भारतीय करेंसी के हिसाब से पांच से सात लाख रुपए है । इस बिल्ली के मिलने से वे अपने आप को लकी समझने लगे हैं ।

बैतूल जेएच कालेज के बायोटेक्नॉलॉजी विभाग के एचओडी सुखदेव डोंगरे का कहना है कि इसे खाओ मेनी कैट कहते हैं । आमतौर पर ये थाईलैंड में पाई जाती है इसका इतिहास 100 वर्ष पूर्व का है । बहुत ही दुर्लभ इस बिल्ली की खासियत है कि यह होशियार होती है चंचल है और सामाजिक होती है ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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