मध्य प्रदेश की 15 पंचायतों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

मध्य प्रदेश की 15 पंचायतों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की 15 पंचायतों (Panchayat) भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय अवार्ड (National award) घोषित किए गए हैं। दो जिला पंचायत नीमच, मंदसौर और दो जनपद पंचायत आलोट एवं होशंगाबाद सहित प्रदेश की 11 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार मिला है। पंचायतों द्वारा सेवाओं के बेहतर प्रदाय पर दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार दिया गया है।

पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पुरस्कारों में जिला पंचायत को प्रमाण-पत्र सहित 50 लाख रूपये, जनपद पंचायत को प्रमाण-पत्र सहित 25 लाख रूपये और ग्राम पंचायतों को उनकी जनसंख्या के अनुसार प्रमाण-पत्र के साथ पाँच लाख से 15 लाख तक के पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।

प्रदेश की 11 ग्राम पंचायतों को राजस्व आय में बढोत्तरी, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और सामाजिक विकास के क्षेत्र में किये गये कार्यों के लिये पुरस्कृत किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रौशन करने वाली ग्राम पंचायतों में नीमच जिले की ग्राम पंचायत भरवड़िया, सागर जिले की दो ग्राम पंचायत मरामाधौ एवं तुमरी, इंदौर जिले की ग्राम पंचायत पोटलोद, होशंगाबाद जिले की ग्राम पंचायत बाबईखुर्द, धार जिले की ग्राम पंचायत सुंदरेल, सीधी जिले की ग्राम पंचायत पनवार चौहानन, मंदसौर जिले की ग्राम पंचायत पाड़लिया मारू, रतलाम जिले की ग्राम पंचायत कंसर, सीहोर जिले की ग्राम पंचायत मूगली और रतलाम जिले की ग्राम पंचायत बरखेड़ी शामिल हैं।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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