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भोपाल मॉक पार्लियामेंट में छात्रा ने उठाया महिला सुरक्षा का मुद्दा, उमंग सिंघार ने सरकार की नीयत और नीति पर उठाए सवाल

Written by:Shruty Kushwaha
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आपातकाल के पचास साल होने पर किए गए इस आयोजन में विपक्ष की भूमिका निभा रही छात्रा ने महिलाओं की सुरक्षा, बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों को लेकर सरकार से सवाल किए। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जिसने महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में फांसी की सजा का प्रावधान किया है। लेकिन कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर अब सरकार को घेरा है।
भोपाल मॉक पार्लियामेंट में छात्रा ने उठाया महिला सुरक्षा का मुद्दा, उमंग सिंघार ने सरकार की नीयत और नीति पर उठाए सवाल

Umang Singhar

भाजपा महिला मोर्चा द्वारा भोपाल में आयोजित मॉक पार्लियामेंट में एक छात्रा ने महिला सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को उठाकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। विपक्ष की भूमिका निभा रही छात्रा ने सवाल किया कि सरकार विकास और इवेंट्स की बात तो करती है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा, बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों पर गंभीर चर्चा क्यों नहीं होती? इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार को घेरा है।

बता दें कि गुरुवार को आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर राजधानी के पीपुल्स ऑडिटोरियम में भाजपा महिला मोर्चा की ओर से ‘मॉक पार्लियामेंट’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सांसद वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितेंद्र शर्मा, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष माया नरोरिया, मंत्री विश्वास सारंग और कृष्णा गौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे।

छात्रा ने उठाया महिला सुरक्षा का मुद्दा

इस मॉक पार्लियामेंट में विपक्ष की भूमिका निभा रही एक छात्रा ने मंच से महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे को उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया। छात्रा ने सवाल किया कि “सरकार हमेशा इवेंट्स और विकास की बातें करती है, लेकिन बलात्कार, छेड़छाड़ और महिला हिंसा जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा क्यों नहीं होती? क्या कारण है कि इन मामलों को दबाने की कोशिश की जाती है?” इसके जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की 2024 की रिपोर्ट और गृह विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में पिछले साल 7,250 बलात्कार के मामले दर्ज हुए, यानी औसतन हर दिन 20 बलात्कार। इन आंकड़ों से साफ है कि कानून बना देने मात्र से समस्या का समाधान नहीं हो रहा।

उमंग सिंघार ने कहा है कि सिर्फ कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। मूल सवाल यह है कि सरकार महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम क्यों नहीं उठा पा रही है? उन्होंने कहा कि ‘दुखद यह है कि जब भी महिलाएं आवाज उठाती हैं तो सरकार सिर्फ औपचारिक बयान देकर मौन धारण कर लेती है।’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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