MP NEWS: नगरीय निकायों के 17000 पेंशनर्स को सौगात, महंगाई राहत में 5% की वृद्धि, अगस्त में ही बढ़कर खाते में आएगी पेंशन

MP NEWS: नगरीय निकायों के 17000 पेंशनर्स को सौगात, महंगाई राहत में 5% की वृद्धि, अगस्त में ही बढ़कर खाते में आएगी पेंशन

MP News : विधानसभा चुनावों से पहले शिवराज सरकार ने नगरीय निकायों के 17000 पेंशनर्स को भी तोहफा दिया है, शासन ने इन्हें दिए जाने वाली महंगाई राहत (DR) में 5 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है, इस वृद्धि से पेंशनर्स की महंगाई राहत 38 % हो गई है, इससे इन्हें हर महीने 4 हजार रुपये तक का फायदा होगा।

नगरीय निकायों के पेंशनर्स के DR में 5 प्रतिशत की वृद्धि 

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य सरकार के पेंशनर्स को महंगाई राहत में 5 प्रतिशत वृद्धि किये जाने के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा भी प्रदेश के नगरीय निकायों के सातवें वेतनमान अनुसार पेंशन प्राप्त कर रहे 17 हजार पेंशनर्स की  महंगाई राहत में 5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है। इससे पेंशनर्स को हर महीने 400 रुपये से 4 हजार रुपये तक का फायदा होगा।

रक्षाबंधन से पहले मिल जायेगा एरियर 

महंगाई राहत में की गई वृद्धि का भुगतान पेंशनर्स को एक जुलाई 2023 से किया जायेगा एवं माह अगस्त में ही रक्षाबंधन के पूर्व ही पेंशनर्स को एक महीने की बढ़ी हुई महंगाई राहत राशि के एरियर्स का भुगतान भी किया जायेगा। नगरीय निकायों के पेंशनर्स को एक अक्टूबर 2022 से 33 प्रतिशत महंगाई राहत मिल रही थी, जिसमें 5 प्रतिशत वृद्धि किये जाने के बाद अब कुल महंगाई राहत 38 प्रतिशत हो गई है।

छठवा वेतनमान पाने वाले पेंशनर्स को भी हुआ लाभ 

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया नगरीय निकायों के जिन पेंशनरों को छठवें वेतनमान अनुसार पेंशन मिल रही थी उनकी महंगाई राहत में भी 11 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इससे उनकी महंगाई राहत राशि भी 201 प्रतिशत से बढ़कर 212 प्रतिशत हो गई है। महंगाई राहत में यह वृद्धि किये जाने के चलते पेंशन निधि पर 1.25 करोड़ रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त वित्तीय भार सरकार पर आयेगा।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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