मप्र राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले सियासी पारा हाई, कांग्रेस विधायकों को आज विशेष विमान से कर्नाटक भेजने की तैयारी

राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने के बाद मध्य प्रदेश में पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी विधायकों को मंगलवार दोपहर में विशेष विमान से कर्नाटक भेजने की तैयारी की है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करेंगे।
Congress candidate Meenakshi Natarajan files nomination form

18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। भाजपा द्वारा तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारे जाने के बाद कांग्रेस अलर्ट मोड पर आ गई है।  क्रॉस वोटिंग और विधायकों की खरीद-फरोख्त (पोचिंग) के खतरे को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने की बड़ी कवायद शुरू कर दी है।

इसी सिलसिले में आज, 9 जून को सभी विधायकों को एक विशेष विमान (चार्टर्ड फ्लाइट) के जरिए कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु शिफ्ट किया जा रहा है। इसकी पुष्टि खुद कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए की है। हालांकि सोमवार रात भोपाल में हुई बैठक के बाद ही तय किया जा चुका था  कि पार्टी के सभी विधायक विशेष विमान से कर्नाटक रवाना होंगे। बैठक के बाद पूरी रणनीति बनाकर हाईकमान को भेज दी गई है। बैठक में विधायकों को अगले 7-8 दिनों के हिसाब से तैयारी रखने के लिए कहा गया। यहां वे वरिष्ठ नेताओं की निगरानी में रहेंगे। चुनाव के ठीक पहले ही इन विधायकों को वापस लाया जाएगा ताकि एकजुट होकर वोटिंग कराई जा सके।

कांग्रेस  नेताओं का दावा है कि सभी विधायक एकजुट हैं, राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करेंगे और प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित करेंगे।
विधायकों के इस तरह विशेष विमान से अचानक कर्नाटक रवाना होने से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

गौरतलब है कि 18 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग होना है। भाजपा ने शुरूआत में प्रमुख दो सीटों के लिए रजनीश अग्रवाल और तरूण चुघ को प्रत्याशी बनाया है, लेकिन नामांकन के आखिरी दिन मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को अपना तीसरा उम्मीदवार घोषित कर सबको चौंका दिया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया है। अब नटराजन का सीधा मुकाबल केवट से होगा। तीसरी सीट के लिए भाजपा द्वारा अतिरिक्त उम्मीदवार उतारे जाने के बाद चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है, ऐसे में अपने विधायकों को एकजुट रखना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है।

​मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायकों के संख्या बल पर एक नजर

  • मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। दतिया विधानसभा के विधायक का निर्वाचन शून्य घोषित हो चुका है, वहीं विजयपुर विधायक को हाईकोर्ट ने राज्यसभा चुनाव के मतदान के लिए अयोग्य बताया है।
  • इस हिसाब से वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। इसमें भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं।
  • एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 वोट चाहिए, ऐसे में भाजपा को अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए 116 वोटों की जरूरत पडे़गी। इसके बाद भी भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। यानी तीसरी सीट जीतने के लिए भाजपा को 10 वोट चाहिए।  कांग्रेस की बात करें तो उसके पास 63 विधायक हैं, वोट डालने के बाद अतिरिक्त पांच विधायक बचेंगे।
  • वर्तमान में बीना कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे का पार्टी से मनमुनाव और भाजपा की ओर झुकाव है। वहीं, डोडियार का वोट अगर भाजपा उम्मीदवार को मिलता है और कांग्रेस के नौ विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो मामला पलट जाएगा। एक भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार भी हैं। अगर कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की तो तीसरी सीट पर फैसला दूसरी वरीयता के वोटों से होगा, जिसका लाभ बीजेपी को मिलेगा । यदि क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो भाजपा अपने दो उम्मीदवारों और कांग्रेस अपना एक उम्मीदवार आसानी से जिता सकती है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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